प्रवासियों की हालत देख शहर की बेटी ने अमेरिका से भेजी 50 हजार की मदद

  • अमरीका में रह रहे लोग भी प्रवासियों को लेकर चिंता में, छत्तवाल परिवार ने 800 से अधिक को कराया भोजन, 200 से अधिक को बांटे जूते

यमुनानगर. देश में प्रवासी मजदूरों की हालत देख अमेरिका में रह रहे लोग भी चिंतित हैं। जो वहां बैठे ही इनकी मदद कर रहे हैं। ऐसे ही नगर निगम के कर निरीक्षक हरजिंद्र सिंह छत्तवाल की अमेरिका में रह रही बेटी असवीन कौर व दामाद अमनदीप सिंह ने किया। टीवी व सोशल मी‌डिया पर यमुनानगर में प्रवासी मजदूरों की हालत देख असवीन कौर काफी आहत हुईं। उन्होंने प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए 50 हजार रुपए की राशि भेजी। इसके बाद छत्तवाल परिवार ने नेशनल हाईवे-344 से जा रहे प्रवासी मजदूरों की मदद की। छत्तवाल परिवार की ओर से जहां भूख से व्याकुल मजदूरों को भोजन कराने के लिए लंगर सेवा लगाई वहीं, नंगे पांव व टूटे जूते-चप्पलों में चल रहे मजदूरों व उनके बच्चों को नए जूते दिए।

प्यासों को मिनरल वॉटर की बोतलें और ब्रेड उपलब्ध कराएं। बीते पांच दिनों से छत्तवाल परिवार प्रवासी मजदूरों की सेवा में जुटा है। हरजिंद्र सिंह छत्तवाल ने बताया कि जरूरतमंदों की सेवा करने की यह शिक्षा पिता स्वर्गीय सरदार जसवंत सिंह छत्तवाल से मिली। इससे मानसिक संतुष्टि मिलती है। उन्हीं से प्रेरित होकर बेटी असवीन कौर व दामाद अमनदीप सिंह ने भी प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए प्रयास किया। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले पंजाब, हरियाणा व अन्य राज्यों से यमुनानगर में आए प्रवासी मजदूरों के हालात सोशल मीडिया व न्यूज के माध्यम उनकी बेटी को इनकी हालत के बारे में पता चला। इनकी हालत देखकर बेटी व दामाद काफी आहत हुए। तभी उन्हें फोन कर मदद के लिए राशि भेजी।

जिसके बाद उनके परिवार द्वारा नेशनल हाईवे पर जाकर प्रवासी मजदूरों को लंगर कराया। मजदूराें काे नंगे पांव व टूटे जूतों के सहारे चलते देखा। कई मजदूरों के पांव में जख्म तक हो चुके थे। इस पर उन्होंने 200 प्रवासी मजदूरों, उनके बच्चों को नए जूते पहनाए और लंगर खिलाया। मजदूरों को पैकेट में भी भोजन दिया गया। इसके बाद उन्हें मिनरल वाटर, ब्रेड व अन्य खाद्य सामग्री भी मजदूरों को बांटी।

तेजली स्टेडियम में ठहराए गए प्रवासियों को रात के समय समता योग आश्रम की तरफ से खाना वितरित किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया के निजी सचिव राजेश सपरा ने भी सहयोग किया। समता योग आश्रम से सतीश चौपाल ने बताया कि आश्रम की तरफ से फैसला लिया गया था कि जो भी प्रवासी लोग रुके हुए हैं और उन्हें यहां से भेजा जा रहा है उनके खाने का इंतजाम किया जाएगा। इस पर सभी के खाने का इंतजाम किया गया। उन्हें खाना खिलाया गया।

इसके बाद कुछ को प्रशासन ने यहां से भेज दिया था। उनका कहना है कि संकट की घड़ी में हमें इन प्रवासियों के काम आना चाहिए। राजेश सपरा ने बताया कि सरकार इन प्रवासियों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्हें उनके घर भेजने का काम सरकार कर रही है। इसलिए उन्हें सड़क पर पैदल सुनने की जरूरत नहीं है।