नुकसान की भरपाई न हुई तो टमाटर ले कृषि मंत्री के घर पर धरना देंगे किसान

  • सोमवार तक का दिया समय, सात गांवों की पंचायत में लिया फैसला

भिवानी. गांव खरकड़ी माखवान के किसानों को हो रहे टमाटर की खेती में नुकसान की भरपाई ना होने को लेकर गुरुवार को सात गांवों व कई संगठनों की पंचायत तोशाम-जुईमार्ग पर खेतों में हुई। पंचायत की अध्यक्षता सात गांवों के प्रधान चिरंजी पंघाल ने की। पंचायत में शुक्रवार को पंद्रह किसान कृषि मंत्री जेपी दलाल को ज्ञापन देंगे व ज्ञापन देने के बाद सोमवार तक अगर समाधान नहीं हुआ तो सोमवार को सभी किसान अपने-अपने ट्रैक्टरों में टमाटर भरकर कृषि मंत्री के आवास पर धरना देंगे।
युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल प्रधान ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि इलाके में करीबन छह सौ एकड़ में किसानों ने टमाटर की खेती कर रखी है जो कि कोरोना महामारी के कारण किसानों का टमाटर नहीं बिक रहा है। किसान की टमाटर की फसल खेत में खड़ी है वहीं कुछ किसानों ने दूसरी फसल के लिए टमाटर की फसल को ट्रैक्टर चलवा कर कटवा दिया है। प्रधान ने कहा कि किसान की हालात इस समय बद से बदतर है। किसान बेहद आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कमल ने बताया कि किसानों को टमाटर की खेती करने के लिए प्रति एकड़ सतर हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। कमल ने कहा कि भावांतर भरपाई योजना से किसान को कोई फायदा होने वाला नहीं है। कमल ने कहा कि किसानों का टमाटर कोरोना महामारी के कारण नहीं बिक रहा है। सरकार को चाहिए किए वह टमाटर की खेती करने वाले किसानों को अन्य उधोगों की तर्ज पर राहत पैकेज दें ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। किसान रमेश ने बताया कि भावांतर भरपाई योजना सरकार का एक जुमला है इससे किसानों को कोई फायदा होना वाला नहीं है। सरकार द्वारा इसके रजिस्ट्रेशन के लिए भी समय बढ़ा दिया है लेकिन किसानों के पास जे फॉर्म ही नहीं है तो कैसे भावांतर भरपाई योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करें। किसानों का टमाटर बिका नहीं है टमाटर बिके बिना जे फॉर्म कहा से मिलेगा। किसानों ने मांग की है कि उन्हें सीधा राहत पैकेज दिया जाए ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। इस मौके पर जोगेंद्र नैन, मेवासिंह आर्य, विद्याधर पिलानियां, मंगलसिंह खरेटा, सुरेंद्र कालीरामण, दलबीर पंघाल, रमेश पंघाल, जसबीर घसोला, सोनू पिलानियां आदि पंचायत में मौजूद थे।