गोदाम में रखी शराब की गिनती को 3 जिलों की पुलिस लगाई, 10 टीमें बना 10 इंस्पेक्टर तैनात, भूपेंद्र की जमानत पर फैसला सुरक्षित

  • गिनती दोबारा शुरू की गई, आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर की नहीं हो सकी गिरफ्तारी

पानीपत. खरखौदा में रेड कर सील की गई शराब की 5696 पेटियों को बेचने के मामले में आरोपी शराब ठेकेदार भूपेंद्र की जमानत पर फैसला कोर्ट ने अब 27 मई तक सुरक्षित रख लिया है। इसके साथ एसआईटी ने शराब गोदाम में दोबारा से गिनती शुरु कर दी है। शराब की गिनती के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। हर टीम का नेतृत्व एक इंस्पेक्टर करेगा। यह कार्य पूरी पारदर्शिता से हो व जांच तेजी से हो इसीलिए 10 टीमें गठित की गई हैं।
बर्खास्त किए गए इंस्पेक्टर जसबीर की गिरफ्तारी गुरुवार को भी नहीं हो सकी है। इसके साथ सेटिंग कर शराब को कम दिखाने वाला एएसआई जयपाल , आरोपी भूपेंद्र ठेकेदार का भाई जितेंदर अभी भी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी को लेकर जींद, झरोट में रेड की गई। जबकि इस केस में इनकी गिरफ्तारी अहम है। बर्खास्त इंस्पेक्टर पर गम्भीर आरोप हैं। इसके चलते इसे बर्खास्त किया गया है। स्पेशल एसईटी के प्रमुख टीसी गुप्ता ने दो दिन पहले खरखौदा के उस गोदाम का निरीक्षण किया था, जहां से दीवार तोड़कर 5696 शराब की पेटी चोरी की गई। यह शराब सील की गई थी। शराब के गोदाम में करीब 30 मिनट जांच करने के बाद, शराब की दोबारा गिनती के निर्देश दिए थे। एसपी रोहतक राहुल शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। एसआईटी के डीएसपी जितेंद्र ने बताया कि आरोपी भूपेंद्र की जमानत पर बहस हो चुकी है। गुरुवार की डेट मिली थी, लेकिन सेशन कोर्ट ने आरोपी की जमानत पर फैसला 27 मई तक सुरक्षित रख लिया है। गोदाम में रखी शराब की पेटियों की गिनती 10 टीमें बनाकर शुरू कर दी है।
सेक्शन-32 की पावर से एसईटी किसी को भी कर सकेगी सम्मन
प्रदेश में शराब घोटालों की जांच के लिए बनाई गई एसईटी की पड़ताल शुरू होने के साथ ही राज्य के कई जिलों में शराब घोटाले खुलने लगे हैं। माना जा रहा है कि इसमें सोनीपत जिले के खरखौदा शराब घोटाले के मामले में बर्खास्त एसएचओ कई राज खोल सकता है। क्योंकि उसके बारे में भी मामले में आरोपी बनाए गए पुलिस कर्मचारियों ने ही जानकारी दी थी। ऐसे में पुलिस की पूरी जांच अब एसएचओ की गिरफ्तारी पर ही टिकी है। हालांकि एसईटी को सेक्शन-32 की पावर मिलने के बाद वह भी किसी से भी पूछताछ कर सकेगी। इस मामले में गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि जो भी दोषी होगा, वह बख्शा नहीं जाएगा। एसईटी को पावर मिलने के बाद वह किसी को भी सम्मन जारी कर सकेगी। पूछताछ का भी अधिकार होगा।
टीम में तीन जिलों की पुलिस, 50 कर्मचारी पहुंचे : शराब की गिनती के लिए सोनीपत, रोहतक व झज्जर जिले से 10 टीम बनाई हैं। इंस्पेक्टरों की टीम में करीब 50 पुलिस कर्मियों ने गुरुवार को शराब की पेटियों की फिर से जांच की जा सके। हालांकि पुलिस व एक्साइज विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में शराब की पेटियों की गिनती पहली भी की जा चुकी है। लेकिन नए सिरे से हो रही इस जांच में वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस व एक्साइज की जांच पर भरोसा नहीं जताया और दोबारा से काउंटिंग शुरू कर दी है।