सोनीपत शराब घोटालाः खरखौदा का तत्कालीन एसएचओ जसबीर बर्खास्त, एसईटी की शक्तियां बढ़ाने को गृहमंत्री विज ने लिखा पत्र

शराब चोरी, गबन व भ्रष्टाचार के आरोपी खरखौदा के तत्कालीन एसएचओ जसबीर सिंह को आईजी रोहतक रेंज ने बर्खास्त कर दिया है। साथ ही दामन पर लगे दाग छुड़ाने के लिए उसके खिलाफ विभागीय जांचों का पिटारा भी खोल दिया है। जसबीर के खिलाफ पुलिस ने केस चार्जशीट फाइल करने से पहले ही मजबूत कर दिया है, ताकि कोर्ट में जाने के बाद पुलिस को मुंह की न खानी पड़े। एसपी सोनीपत की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए आईजी रोहतक रेंज ने उसे दोषी माना है। उस पर शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र के साथ मिलकर शराब को ठिकाने लगाने सहित कई अन्य आरोप थे। आरोप है कि जसबीर ने कोरोना महामारी के दौरान पुलिस की छवि को भी खराब किया है। कोरोना संकट में पुलिस टीमें लगातार लोगों की मदद कर रही थीं। उस दौर में भी आरोपी ने शराब तस्करी के खेल में जुड़कर पुलिस की छवि को प्रभावित किया है। पुलिस की तरफ से दर्ज हुए मुकदमे में वह मुख्य आरोपी है।
3 अप्रैल से है फरार:
जसबीर 3 अप्रैल से फरार है और हरियाणा पुलिस उसे तलाश कर रही है। यही नहीं, फरारी के दौरान उसने जांच में शामिल पुलिसकर्मियों को धमकाया और रिकार्ड नष्ट करने की हिदायतें दीं। फिलहाल जसबीर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस को शक है कि जसबीर पुलिसकर्मी होने का फायदा उठाकर कहीं दूसरे राज्य में न भाग गया हो। हालांकि कोरोना के चलते उसका कहीं छिप पाना आसान नहीं है। वह रोहतक के भैंसरू खुर्द गांव का रहने वाला है। एयरफोर्स से रिटायरमेंट लेने के बाद वह पुलिस सेवा में आया था। आरोपी ने सितंबर, 2010 में पुलिस विभाग को बतौर एसआई ज्वाइन किया था। 10 जनवरी को उसको खरखौदा थाने का एसएचओ लगाया गया था। शराब मामला सामने आने पर उसको 30 अप्रैल को लाइन हाजिर किया गया था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसको सस्पेंड कर दिया गया। अब पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा की रिपोर्ट पर उसे बर्खाश्त कर दिया गया है। एसपी ने आरोपी की प्रशासनिक टीम से जांच कराई थी। आरोपी टीम के सामने पेश नहीं हुआ। उसके मामलों की जांच के बाद उसे बर्खास्त करने को लिखा गया था। जिसके बाद उसे अब बर्खास्त करने के आदेश जारी हुए हैं।
सचिवालय में बेरोक टोक था आना जाना:
हरियाणा सचिवालय में भूपेंद्र किसके पास जाता था, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। गृह मंत्री अनिल विज ने बहुत जोर देकर यह कहा था कि भूपेंद्र का हरियाणा सचिवालय में भी आना जाना था। लेकिन सचाई यह निकल कर आई है कि वह पिछले कई साल से सचिवालय में बेरोक टोक आता जाता था। उधर, भूपेंद्र ने पुलिस पूछताछ में कई रसूखदारों के नाम लिए हैं। इसमें कई नेता और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। भूपेंद्र ने चारों तरफ गोटियां सेट की हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक उसने अभी तक चार थानेदारों के नाम लिए हैं। जिसमें से दो नाम सामने आ चुके हैं। बाकी नाम कब तक सामने आएंगे यह कहना मुश्किल है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भूपेंद्र हरियाणा सचिवालय में किसके पास आता-जाता था।
गृह मंत्री अनिल विज एसईटी को दी गई पॉवर से संतुष्ट नहीं:
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज शराब घोटाले में एसईटी को दी गई पॉवर से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने इस बारे में गृह सचिव को पत्र लिख कर एसईटी की शक्तियां बढ़ाने के लिए कहा है। अब यह मामला एक बार फिर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दरबार तक पहुंचेगा, जिसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी। फिलहाल विज ने कहा है कि एसईटी की शक्तियों को सीआरपीसी के सेक्शन 32 के तहत बढ़ाया जाए। इस धारा के तहत एसईटी को शराब घोटाले के आरोपियों से पूछताछ और उनका बयान रिकार्ड करने की शक्तियां मिल जाएंगी। जिसके बाद एसईटी अपनी रिपोर्ट सरकार को कार्रवाई की सिफारिश के साथ देगी। वर्तमान में एसईटी को सिर्फ रिकार्ड खंगालने की ही शक्तियां है। जो एसईटी गठित की गई है, उसमें टर्म एंड कंडीशन भी लिखे गए हैं। जिसके तहत एसईटी को शराब गोदामों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा एसईटी को यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि वह सील किए गए शराब गोदामों का भी रिकार्ड मैच कर सरकार को बताएगी कि अनियमितताएं किस स्तर पर हुई हैं। अनिल विज ने एसईटी के गठन के लिए इस मामले में पत्र लिखा था, जिसमें उनकी पहली पसंद अशोक खेमका थे। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव कौशल और टीसी गुप्ता का भी नाम था। सरकार ने इस मामले में टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में एसईटी का गठन किया है। जिसके टर्म एंड कंडीशन तय किए गए हैं। अब जब एसईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। विज ने एसईटी की शक्तियां बढ़ाने की मांग कर दी है।

शराब चोरी, गबन व भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को बर्खास्त करने की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई थीं। उसके आधार पर उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।