लॉकडाउन में स्वीमिंग पूल व वाटर पार्क बंद होने से नहर में नहाने का मोह तीन इंजीनियरों को पड़ा भारी, डूबने से मौत

  • नौरंगपुर गांव में कॉलेज निर्माण के काम में लगे थे तीनों इंजीनियर
  • गाेताखाेर, फायर ब्रिगेड कर्मचारी व ग्रामीणाें के सहयाेग से तीनाें युवकाें के शव को 21 घंटे बाद निकाला

बहादुरगढ़. लॉकडाउन में कोरोना वायरस के चलते सभी स्वीमिंग पुल बंद पड़े हैं। वाटर पार्क बंद है। माना जा रहा है कि यहीं कारण रहा होगा जिसके चलते मंगलवार शाम पांच बजे तीनों इंजीनियर नहर में नहाने का लालच नहीं छोड़ पाए व पानी में उतर गए, जबकि उन्हें इस नहर के बहाव व गहराई का आभास नहीं था। इसी कारण एक-एक करके वे नहर में उतरे और पानी के बहाव में आते चले गए। परिजनों द्वारा किसी प्रकार से उनकी जानकारी निकाली गई और तब जाकर इस नहर पर सर्च अभियान शुरू हुआ। बुधवार करीब एक बजे तक तीनों के शव नहर से निकाल लिए गए। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शवों का बहादुरगढ़ में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए।

जांच अधिकारी एएसआई ओम सिंह ने बताया कि बादली-बहादुरगढ़ मार्ग पर गुरूकुल के पास 3 इंजीनियर जोकि एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। तीनों फिलहाल नौरंगपुर गांव में चल रहे एक कॉलेज के निर्माण कार्य में लगे हुए थे। उन तीनों में से एक इंजीनियर मूल रूप से गांव माजरी का निवासी था, जबकि वह वर्तमान में नजफगढ़ दिल्ली में रहता था। मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर नायब तहसीलदार प्रभुदयाल व एसएचओं जितेन्द्र भी मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान का निरीक्षण किया।

गाड़ी व तीनाें के कपड़े नहर के किनारे मिले :

एएसआई ओम सिंह ने बताया कि प्रदीप निवासी नजफगढ़ दिल्ली उम्र 32 वर्ष, आशीष उम्र 28 वर्ष निवासी उत्तम नगर दिल्ली, एसएम मुरसलीम उम्र 30 वर्ष निवासी नांगलोई दिल्ली तीनों ही पेशे से इंजीनियर थे। तीनों ही आपस में दोस्त थे और तीनों ही फिलहाल नौरंगपुर में बन रहे एक कॉलेज के काम को देख रहे थे। मंगलवार शाम को तीनों कहीं से घूमते हुए एनसीआर नहर पर पहुंचे और नहर में नहाने लगे। तीनों के कपड़े और गाड़ी नहर किनारे खड़ी हुई मिली। तीनों नहर में डूब गए। परिजनों द्वारा उनसे लगातार संपर्क किया जा रहा था। जब किसी से भी कोई संपर्क नहीं हो पाया तो उनकी तलाश की गई। तलाश में बात सामने आई कि तीनों ही नहर में नहाने उतरे थे। मंगलवार रात को काफी देर खोज करने के बाद जब तीनों का कोई पता नहीं चला तो सर्च अभियान को बंद कर दिया गया।

शव परिजनाें काे साैंपे

: बुधवार सुबह फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों, पुलिस विभाग के कर्मचारियों, गोताखोरों और गांव माजरी के युवाओं द्वारा एक बार फिर नहर में सर्च अभियान चलाया गया। कई घंटों तक चले सर्च अभियान के बाद एक-एक करके दोपहर करीब 1 बजे तक तीनों के शव बरामद कर लिए गए। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए तीनों के शवों को बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए। इन तीनों में से प्रदीप जोकि हाल में नजफगढ़ में रहता है। वह मूल रूप से गांव माजरी का निवासी है। संभावना जताई जा रही है कि प्रदीप अपने साथियों के साथ अपने गांव में आने के उद्देश्य से यहां आया होगा। रास्ते में नहर को देखकर तीनों ने ही नहर में नहाने का विचार बनाया होगा, जिसके चलते डूबने के कारण उनकी तीनों की मौत हो गई।

चेतावनी बाेर्ड के बाद भी मान नहीं रहे, गश्त अाैर तेज की जाएगी

एसएचओ जितेन्द्र ने कहा कि विभाग द्वारा नहर के किनारे पहले से ही चेतावनी बोर्ड लगाएं गए हैं। नहर में नहाना दंडनिय अपराध है। पुलिस समय-समय पर गश्त भी करती है। नहर में नहाने वालों के साथ सख्ती से पेश भी आती है। बादली थाने की ओर से नहर पर सुरक्षा के इंतजाम कराने बारे उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। पुलिस गश्त और तेज की जाएगी।