रोज स्पेशल लैब में संक्रमण का खतरा उठाकर भी डटे हैं ये वीर

  • पीजीआई के सेंट्रल स्टरलाइजेशन सप्लाई विभाग की टीम दिन-रात संक्रमण का खतरा झेलते हुए निभा रही फर्ज

रोहतक. कोरोना काल में सरकार लॉक डाउन अवधि में जनता से घरों में रहने की अपील कर रही है ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हो सके। लेकिन पीजीआई के सेंट्रल स्टरलाइजेशन सप्लाई विभाग की लैब में टेक्नीशियन की टीम दिन रात ड्यूटी देकर संक्रमण का खतरा झेल रहे हैं। इस प्रक्रिया में यदि जरा सी भी चूक हो जाए तो कर्मचारी के संक्रमण की चपेट में आने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसा खतरा झेल दिन-रात ड्यूटी कर रही इस टीम से अपने उनके अनुभव साझा किए।

कोई चूक न रह जाए रखते हैं बारीक नजर
सनसिटी निवासी व सीएसएसडी में टेक्नीशियन अनिल कुमार ने बताया कि वार्डों और ओटी से आने वाले सामान को संक्रमण मुक्त करने के लिए मशीन में स्टरलाइज करने के बाद उसकी धुलाई से लेकर पैकिंग करने की जिम्मेदारी विभाग के कर्मचारियों की रहती है। सब पर बारीक नजर रखते हैं।
स्टाफ काे तनाव न हाे इसलिए करते हैं माेटिवेट
पीजीआई कैंपस निवासी व सीएसएसडी सुपरवाइजर गौरव कुमार ने बताया कि उनके विभाग में अक्सर संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में स्टाफ को मोटिवेट करने की जरूरत समझी गई। स्टाफ मेंबर्स के साथ समय समय पर मीटिंग करके उन्हें मोटिवेट करते रहते हैं।
टीम के साथ प्लानिंग पर करते हैं काम
लैब टेक्नीशियन रोहतास का कहना है कि उनके विभाग में स्टरलाइजेशन के लिए मशीन लगी हैं। जिसका काम है कि 100 से अधिक तापमान में मशीन के अंदर मेटल और चादर आदि डालकर उसमें से संक्रमण की संभावना खत्म करना है। इस के लिए पूरी प्लानिंग से काम करते हैं।
ड्यूटी अवधि से अधिक समय तक कार्य किया
लैब टेक्नीशियन रामकंवर ने बताया कि कोरोना काल में मरीजों की सेवा करने का मौका मिला तो ड्यूटी अवधि से ज्यादा समय तक काम किया। काम में तल्लीनता ऐसी हुई कि शरीर में थकावट महसूस नहीं दी। अब भी इसी स्फूर्ति के साथ मरीजों की सेवा करने के लिए विभाग में डटे हुए हैं।