बिना श्रमिक 700 करोड़ के प्रोजेक्ट सुस्त

  • असर – कहीं-कहीं आधी लेबर भी नहीं बची, प्रोजेक्ट लेट होने के आसार

अम्बाला. कोरोना संकट में प्रवासी श्रमिकों में यूपी-बिहार-एमपी-पश्चिमी बंगाल लौटने की होड़ लगी है। इसका असर सरकारी प्रोजेक्टों पर भी दिखने लगा है। अम्बाला में 700 करोड़ रुपए की लागत के सभी बड़े प्रोजेक्ट्स पर श्रमिकों की कमी दिख रही है। वार हीरोज मेमोरियल फुटबॉल स्टेडियम का काम 30 अप्रैल को पूरा था, अब उसमें कई महीने लगेंगे। कैंट सिविल अस्पताल के पास डॉक्टर्स व स्टाफ के रेजिडेंशियल टावर बनाने, सुभाष पार्क का नवीनीकरण और गुड़गुड़िया नाले पर मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट फिलहाल बंद पड़े हैं। प्रोजेक्ट में लगी 20 प्रतिशत लेबर ही बची है।
कैंट-साहा नेशनल हाईवे की फोर लेनिंग का काम अब यहां एक-एक पॉइंट पर ही काम चल रहा है। लेबर होने से प्रोजेक्ट में कम से कम छह माह की देरी हो सकती है। निर्माण एजेंसी की मानें तो लॉकडाउन से पहले उनके पास 550 लेबर थी, अब करीब 120 ही रह गई है। एजेंसी को 170 करोड़ में हाईवे का निर्माण कार्य नवंबर 2021 तक पूरा करना है। गुड़गुड़िया नाले पर 16 करोड़ से मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कार्य लेबर न होने से बंद है। यह प्रोजेक्ट पहले ही लेट है। कैंट में 42 करोड़ से बनने वाले लघु सचिवालय का निर्माण 15 श्रमिकों के भरोसे है। 20 श्रमिक जा चुके हैं। यह काम 26 नवंबर 2021 तक पूरा होना है।

कंटेनमेंट जोन हटेगा तो डॉक्टर आवास बनने शुरू होंगे:

पन्ना कॉटेज के साथ एमसी कॉलोनी में 47 करोड़ से स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। यहां रहने वाली लेबर में से 16 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद से यहां कंटेनमेंट जोन बना है। यह प्रोजेक्ट 18 जुलाई 2021 को पूरा होना है।

शहीदी स्मारक का निर्माण कार्य धीमा, पेमेंट भी लटकी है

दिल्ली-अम्बाला नेशनल हाईवे पर वार मेमोरियल (शहीदी स्मारक)का निर्माण कार्य 200 करोड़ की लागत से हो रहा है। काम काफी धीरे चल रहा है और पेमेंट भी लटकी हुई है। पेमेंट के चलते मामला हरियाणा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर मुख्यालय में भेजा जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट गति पड़ेगा। यहां पर 200 के करीब लेबर लगी हुई है।

स्टेडियम में 80 से 30 रह गई लेबर

कैंट के वार हीरोज स्टेडियम का निर्माण 82 करोड़ से हो रहा है। यहां पर 80 के मजदूर काम कर रहे थे अब संख्या 30 रह गई है। निर्माण एजेंसी को 30 अप्रैल 2020 तक काम पूरा करके देना था। स्टेडियम का मामला भी पीडब्ल्यूडी बीएंडआर मुख्यालय में भेजा जाएगा। इसी के साथ 13 करोड़ से स्पॉट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण हो रहा है। यहां पर भी लेबर आधी रह गई है।
ऑल वेदर स्वीमिंग पूल के काम में लगे 15 मजदूर चले गए
वॉर हीरोज मेमोरियल स्टेडियम कैंट में 13.70 करोड़ से ऑल वेदर स्वीमिंग पुल का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर 35 मजदूर काम कर रहे थे जिसमें से 20 मजदूर रह गए हैं। निर्माण एजेंसी को इसका निर्माण कार्य 26 सितंबर 2020 तक पूरा करके पीडब्ल्यूडी को सौंपना है।

लॉकडाउन या निर्माण सामग्री के रेट बढ़ने से टेंडर कोस्ट पर कोई असर नहीं पड़ता। जो निर्माण एजेंसी टेंडर लेती है उसी में काम पूरा करके देना होता है। यदि कोई अतिरिक्त काम कराया जाता है तो उसकी कोस्ट बढ़ेगी। लेबर की दिक्कत है और समय सरकार की हिदायतों के मुताबिक बढ़ाया जाएगा।
निशांत, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर अम्बाला