59वें दिन 50% खुला बाजार, व्यापार मंडल-5 लाख का कारोबार मुश्किल

सोनीपत. 59वें दिन शहर में रोस्टर के हिसाब से दुकानें खुली। कुछ दुकानदार कंफ्यूजन में रहे तो कुछ ने बिना रोस्टर के ही दुकान खोल कर सामान बेचने के लिए बैठ गए। लॉकडाउन में छूट के पहले दिन शहर में अफरा-तफरी का माहौल दिखा। दुकानों के बाहर लोग डिस्टेंसिंग भूल बैठे। वहीं, कुछ दुकानदारों को पुलिस दुकान खोलने पर पकड़कर पुलिस स्टेशन में लेकर पहुंच गई। दुकानदारों को पकडऩे की खबर फैली तो व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पुलिस को बताया कि जो दुकानदार पकड़े है, वे रोस्टर के हिसाब से ही दुकान खोल रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने पकड़े गए दुकानदारों को छोड़ दिया। व्यापार मंडल की मानें तो पहले दिन 5 लाख रुपए तक का धंधा नहीं हुआ है। दुकान खोलने का समय सुबह १० से पांच बजे तक था, लेकिन काफी दुकानदार तीन बजे ही दुकान बंद कर घर चले गए। उधर, प्रशासन का कहना है कि आप जरूरत की चीजें खरीद सकें, इसलिए बाजार खोला गया है, आम दिनों की तरह बाहर न निकलें।

कंटेनमेंट जोन के चलते सर्राफा बाजार रहा बंद

कंटेनमेंट जोन के साथ लगता सर्राफा बाजार बंद रहा। परंतु जिस घर में कोरोना संक्रमित मरीज एक दिन पहले ही डिस्चार्ज होकर घर लौटा था। उस परिवार के सदस्य बाजार में दुकान खोलकर बैठ गया। ऐसा देख कर सर्राफा बाजार के दुकानदारों को सोचने पर मजबूर कर दिया। दुकानदार बोले जिनके कारण कंटेनमेंट जोन एरिया हुआ है वे ही दुकान खोलकर सामान बेच रहे है, जोकि गलत है। उधर, गांधी नगर सील होने के चलते दुकानदारों की मांग रही कि गन्नौर से खुबड़ू रोड की तरफ जाने वाली सड़क पर बनी दुकान खोलने की परमिशन मिलनी चाहिए।

पहला दिन था इसलिए हुई कंफ्यूजन : प्रभारी
थाना प्रभारी बदन सिंह ने बताया कि मंगलवार को पहले दिन बाजार में दुकानें खुली तो कुछ दुकान खुलने को लेकर कंफ्यूजन हो गया था। दुकानदारों से पूछा तो बात स्पष्ट होने के बाद उन्हें छोड़ दिया था। उन्होंने बताया कि बाजार खुलने पर लॉकडाउन की पालना हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है। दुकानदारों से भी अपील है कि दुकान पर भीड़ न लगने दें, डिस्टेंसिंग बनाकर रखे।