मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के बीच हुई बैठक में लिया फैसला,जल्द घर लौटेंगे प्रवासी, दूसरे राज्यों से एनओसी की जरूरत नहींं

  • भास्कर अपील-इंतजार कीजिए… सड़कों पर पैदल निकलकर जान जोखिम में न डालें, पंजीकरण कराएं

पानीपत. अपने घरों के लिए जाने का इंतजार कर रहे श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है। अब वे जल्दी से घरों को लौट सकेंगे, क्योंकि रिसीविंग प्रदेशों से अब किसी तरह की एनओसी की जरूरत नहीं होगी। साथ ही श्रमिकों से आह्वान किया कि वे पैदल न चलें, क्योंकि अब एनओसी की जरूरत नहीं है। जितने भी श्रमिक आएंगे, सभी को उनके प्रदेशों में भेज दिया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से मजदूरों का पैदल पलायन काफी हद तक रुक जाएगा, क्योंकि सभी की ट्रेनों या बसों से घर जाने की बारी आएगी। इस संबंध में बुधवार को सीएम मनोहर लाल व गृह मंत्री अनिल विज के बीच चंडीगढ़ में बातचीत हुई है। यूपी के श्रमिकों को बसों के जरिए भेजा जाएगा। वहीं बिहार व एमपी के श्रमिकों को ट्रेनों से भेजा जाना है। यूपी के जो मजदूर दूर जाने वाले हैं, सरकार उनके लिए ट्रेन भी उपलब्ध करा सकती है।

सरकार ने रेलवे मंत्रालय से अतिरिक्त रेल गाड़ियां उपलब्ध कराने को कहा है। अब रोजाना 3 से 4 रेल गाड़ियां बिहार या अन्य प्रदेशों में जा रही थी, लेकिन अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगेगा। अब तक हरियाणा से करीब 2.06 लाख श्रमिक अपने प्रदेशों में जा चुके हैं। करीब 6 लाख अभी बाकी हैं। कुल मिलाकर 8 लाख श्रमिकों ने सरकार के पास पंजीकरण कराया है।
शेल्टर होम में रहें, सबको सकुशल भेज देंगे : सरकार ने श्रमिकों से कहा कि जो घर लौटना चाहते हैं वे सड़कों पर न उतरें और न पैदल यात्रा करें। वे संबंधित जिले में खुद को पंजीकृत कराएं। गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि रिसीविंग प्रदेश से एनओसी की जरूरत नहीं है। अब रेलवे से अतिरिक्त ट्रेनें मांगी जाएंगी।

मास्क न पहनने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग न करने वाले पर शिकंजा

हेलमेट की तर्ज पर मास्क पहनना जरूरी हो, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। ऐसा न करने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। विज ने गृह सचिव को पत्र लिखा है। पत्र से पूछा कि ऐसे लोगों पर कितना जुर्माना लगाया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने बताया कि पत्र लिखा है, सबकी सहमति के बाद ही कानून बनेगा। सीएम व अन्य मंत्री भी इस पर विचार करेंगे, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि मास्क न लगाने वाले और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना न करने वालों पर किस तरह की कार्रवाई की जाए। दिल्ली में जिन लोगों ने पत्थर बरसाए, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

आज 5 विशेष रेलगाड़ियां से बिहार में भेजे गए 7 हजार से ज्यादा मजदूर
लगभग 7 हजार प्रवासी श्रमिकों को लेकर बिहार के कटिहार व भागलपुर व मध्यप्रदेश के दमोह, सागर और टीकमगढ़ के लिए रवाना हुई। अंबाला रेलवे स्टेशन से विशेष रेलगाड़ी 1247 प्रवासी श्रमिकों को लेकर बिहार के कटिहार, फरीदाबाद से 1400 श्रमिकों को लेकर बिहार के भागलपुर, गुरुग्राम से 1500 प्रवासी मजदूरों को लेकर मध्यप्रदेश के दमोह, पानीपत से 1400 प्रवासी श्रमिकों को लेकर मध्यप्रदेश के सागर और रोहतक से 1440 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ के लिए रवाना हुई। बुधवार को अम्बाला और पानीपत से 100-100 बसों में श्रमिक यूपी के लिए रवाना किए गए हैं।

यूएसए से लाए गए 76 लोगों के केसों की पुलिस करेगी पड़ताल

अमेरिका से हरियाणा में डिपोर्ट कर भेजे 76 युवकों के केसों की जांच हरियाणा पुलिस करेगी। पुलिस के आला अधिकारी की ड्यूटी लगाई है, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके। इस संबंध में गृहमंत्री अनिल विज ने आदेश जारी किए हैं कि किन कारणों से हरियाणा के युवकों को विदेश में दिक्कत हुई है, इसकी जांच की जानी चाहिए। दूसरे देश में हमारे युवकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्या इनको विदेश भेजने के लिए कबूतरबाजों की भूमिका संदिग्ध रही है। इसकी गहराई से जांच होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल 76 युवकों को पंचकूला में क्वारेंटाइन किया गया है। कुछ कबूतरबाज पैसे लेकर युवाओं को ठगते हैं, ऐसा नहीं चलेगा। यह युवा देश का भविष्य हैं। इन्हें दूसरे देशों में बेवजह यातनाएं झेलनी पड़ी हैं। हर एक युवा की केस स्टडी की जाएगी। सारे केसों की बारी-बारी से जांच होगी। यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि क्या इनके दस्तावेजों में किसी तरह की गड़बड़ी थी, कौन वे एजेंट थे, जिनके माध्यम से ये युवा विदेश में गए थे। वहां पर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनको डिपोर्ट करने का कारण क्या रहा है। यदि किसी ने इनसे पैसे ठगे हैं तो कितने ठगे हैं।

1.08 लाख श्रमिक यूपी भेजे, 47 हजार बिहार
संख्या कहां भेजा

47,530 बिहार
14940 उत्तराखण्ड
23293 मध्य प्रदेश
1231 जम्मू व कश्मीर
950 राजस्थान
336 महाराष्ट्र
223 पंजाब
संख्या कहां भेजा
81 हिमाचल प्रदेश
204 गुजरात
174 दिल्ली
63 असम
40 तमिलनाडू
57 पश्चिम बंगाल
41 आंध्र प्रदेश