मुंबई से आया कैंसर पीड़ित मिला कोरोना पॉजिटिव, नरवाना का युवक ठीक होकर पहुंचा घर, जिले में अब 5 एक्टिव केस

  • 14 मई को हिसार के निजी अस्पताल में हुआ था दाखिल, 16 मई को लिया गया था कोरोना टेस्ट सैंपल, पॉजिटिव आने पर अग्रोहा मेडिकल काॅलेज रेफर

जींद. कोरोना को लेकर जिले के लोगों पर मुंबई कनेक्शन भारी पड़ रहा है। अभी तक मुंबई से आए जिले के 3 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। 10 मई को एंबुलेेंस में सवार होकर मुंबई से अपनी ससुराल ढाकल गांव पहुंचा पेगां गांव का एक 50 वर्षीय व्यक्ति मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव मिला है।
उक्त व्यक्ति मुंबई में किसी प्राइवेट कंपनी में मैंनेजर है और कैंसर पीड़ित है। मुंबई से आते समय इसकी बेटी भी इसके साथ में थी और पहले सिविल अस्पताल गए और फिर ढाकल गांव चले गए। ज्यादा तकलीफ होने पर 14 मई को परिजन इसे उपचार के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में लेकर गए थे। आराम न होने पर 16 मई को परिजन इसे हिसार के ही दूसरे निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां पर कोरोना टेस्ट सैंपल लिया गया। कोरोना टेस्ट सैंपल की रिपोर्ट आई तो मंगलवार को तुरंत ही जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया। इसके बाद कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को हिसार के निजी अस्पताल से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव इस व्यक्ति के संपर्क में कौन लोग आए हैं इसकी ट्रैकिं ग शुरू कर दी है।
वहीं राहत की बात यह है कि पीजीआई रोहतक से मंगलवार को ही नरवाना के पंजाबी बाजार चौक पर रहने वाला व फेरी लगाकर सब्जी बेचने वाला युवक जमील अहमद जो कि मूल रूप से यूपी के बदायूं जिले का रहने वाला है कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंच गया। जिले में एक पॉजिटिव केस के आने और एक के ठीक होकर घर आने के बाद भी जिले में अब कोरोना एक्टिव केसों की संख्या 5 है।

नहीं गया था अपने गांव: पेगां को राहत, ढाकल गांव को कंटेनमेंट जोन बनाया

जिला प्रशासन ने पेगां गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित न कर ढाकल गांव को कंटेनमेंट जोन बनाया है। इसका कारण कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति का पेगां न जाना और मुंबई से सीधा अपनी ससुराल ढाकल गांव जाना है। इसके चलते जिला प्रशासन ने ढाकल गांव को ही कंटेनमेंट जोन बनाना उचित समझा। जिला स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात यह है कि कोरोना पॉजिटिव ढाकल गांव में ज्यादा लोगों के संपर्क में नहीं आया। 10 मई को आने के बाद 14 मई को परिजन उसे जींद सिविल अस्पताल लेकर आ गए। यहां कुछ देर रहने के बाद ही परिजन उसे हिसार लेकर चले गए।

घासो कलां के मां-बेटे की दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव

रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन घासोकलां के एक मां-बेटे की कोरोना टेस्ट सैंपल की जो दूसरी रिपोर्ट आई है वह पॉजिटिव है। हालांकि इन्हीं के परिवार की एक 73 वर्षीय महिला व उसका 11 वर्षीय पोता 3 दिन पहले ही कोरोना को मात देकर घर पहुंच चुके हैं। पीजीआई में अब इनके अलावा रसीदां व शाहपुर गांव के एक-एक युवक का उपचार चल रहा है और उनकी दूसरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आना बाकी है।

10 दिन बाद जमील अहमद ठीक होकर पहुंचा घर

नरवाना के पंजाबी बाजार चौक पर रहने वाला जमील अहमद कोरोना को मात देकर 10 दिन बाद ही घर लौट आया। राहत की बात यह है कि जमील नरवाना में रेहड़ी लगाकर सब्जी बेचने का काम करता है और इसके संपर्क में काफी लोग आए थे। सभी के कोरोना टेस्ट सैंपल लिए गए तो सभी की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। इससे साफ है कि उक्त व्यक्ति से नरवाना में कोरोना का कोई भी संक्रमण नहीं हुआ।

21 में 16 मरीज ठीक होकर गांव आ चुके हैं

^पेगां गांव का कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति कैंसर से पीड़ित है और 14 मई को हिसार के निजी अस्पताल में दाखिल हुआ था। इसी तरह से नरवाना पंजाबी बाजार चौक का युवक कोरोना को मात देकर मंगलवार को पीजीआई से घर पहुंच गया। जिले में अभी तक कोरोना पॉजिटिव के कुल 21 केस सामने आए हैं। इनमें से 16 ठीक होकर घर आ चुके हैं और एक्टिव केस की संख्या 5 है। डाॅ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन जींद।

^पेगां गांव का व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है। यह मुंबई से सीधा ढाकल गांव पहुंचा था। इसके चलते पेगां को कंटनमेंट जोन नहीं बनाया गया। ढाकल को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। डाॅ. आदित्य दहिया, डीसी जींद।