मई की तपती धूप में 850 श्रमिकों का बिहार के लिए पैदल मार्च

  • श्रमिकों को 15 बसों में गन्नौर के निरंकारी आश्रम ले गई पुलिस, सभी को 7 घंटे में समझा फिर से शहर के शेल्टर होम में रखा

पानीपत. प्रवासी किसी भी तरह से घर जाना चाहते हैं। मंगलवार दोपहर को 850 प्रवासी बिहार जाने के लिए पैदल ही निकल पड़े। सूचना मिलने पर डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स पुलिसकर्मियों के साथ जीटी रोड पर रोहतक बाईपास के पास रोक लिया। प्रवासी मानने को तैयार नहीं थे। फिर, रोडवेज की 10 और पुलिस की 5 बसाें से सभी को पहले गन्नौर स्थित निरंकारी अाश्रम में जमा किया। वहां सभी की जिलावार सूची बनाई। सभी बिहार जाने वाले थे। जो सेक्टर-29 स्थित शाम बाग, कुछ सोनीपत तो कुछ पंजाब से चलकर आए थे। डीएसपी ने बताया कि जिलावार सूची बनाकर सभी को अलग-अलग शेल्टर होम में रखा गया है।
डीएसपी वत्स ने कहा कि 22 मई को पानीपत रेलवे स्टेशन से बिहार के मुजफ्फरपुर और 26 मई को बेगुसराय के लिए ट्रेन जाएगी। जितने लोग दोनों ट्रेनों से नहीं जा सकेंगे, उसके लिए अलग ट्रेन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सभी को बिहार भेज दिया जाएगा।
प्रवासियों के हाईवे पर जमा होने की सूचना से लेबर की कमी से जूझ रही इंडस्ट्रीज के कुछ उद्यमियों ने अपने स्टाफ को मौके पर भेजा। उद्यमी प्रीतम सिंह सचदेवा ने बताया कि हमने भी स्टाफ को भेजा था। लेबर से पूछा कि कोई स्पिनिंग मिल में काम करना है तो रुक जाएं, लेकिन कोई नहीं रुका।

पानीपत. भूखे-प्यासे मजदूराें काे जीटी राेड पर आयुष्मान अस्पताल के मालिक डाॅ. सुखबीर सांगवान ने हर श्रमिक के हिसाब से 100-100 रुपए, पानी की बोतल और बिस्कुट के पैकेट दिए। इस दौरान मजदूरों के मासूम बच्चों को तेज धूप में परेशान देख डॉक्टर साहब की आंखें भर आईं।