प्रदेश में सड़कों पर निकले 11 हजार से ज्यादा प्रवासी राहत कैंपों में रखे

  • राहत देने के लिए रीलिफ कैंपों में शुरुआत में रहे करीब 16 हजार लोगों को घरों तक पहुंचाया
  • राज्य के सभी जिलों में 11430 लोगों को रखा गया है

पानीपत. कोरोना महामारी में राज्य सरकार की ओर से प्रवासियों को राहत देने के लिए रीलिफ कैंपों में शुरूआत में रहे करीब 16 हजार लोगों को घरों तक पहुंचा चुकी है। परंतु केंद्र सरकार की ओर से नई गाइडलाइन जारी होने के बाद एक बार फिर इन कैंपों में प्रवासियों को रखा जा रहा है। फिलहाल राज्य के सभी जिलों में 11430 लोगों को रखा गया है।
खास बात यह है कि इनमें 3482 बच्चे हैं, जिनकी उम्र 14 साल से कम है। राज्य सरकार ने इन प्रवासियों की संख्या के हिसाब से भी जिलों को रेड, ओरेंज और ग्रीन जोन में बांटा है। यानि जहां ज्यादा प्रवासी रह रहें हैं, उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया है। सरकार ने 500 से ज्यादा प्रवासियों की संख्या वाले जिलों को रेड, 101 से 500 तक की संख्या वाले जिलों को ओरेंज और 100 से कम वाले जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है। हरियाणा समेत 23 प्रदेशों के लोग हैं। इनमें सबसे जयादा यूपी, एमपी और बिहार के रहने वाले हैं। कैंपों में रहने वाले ज्यादातर वे लोग हैं, जो अपने घरों को जाने के लिए पैदल ही निकल पड़े थे। सिरसा, रेवाड़ी और गुड़गांव में एक हजार से ज्यादा प्रवासी कैंपों में रह रहे हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोई भी प्रवासी सड़क पर नहीं रहेगा। इसे लेकर जिला प्रशासन को आदेश दिए जा चुके हैं। इन्हें कैंपों में रखा गया है। सभी को उनके राज्यों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

यहां 3.5 हजार तक रखे श्रमिक

जिला प्रवासी
सिरसा 3525
रेवाड़ी 2304
गुड़गांव 1003
अंबाला 810
चरखी दादरी 735
सोनीपत 698

इन प्रदेशों के हैं 25 से 100 तक श्रमिक

राज्य श्रमिक
जम्मू-कश्मीर89
हिमाचल प्रदेश62
पंजाब 25

100 से 500 तक :

करनाल, कुरुक्षेत्र, झज्जर, फरीदाबाद, यमुनानगर, पंचकूला, हिसार, नूंह और पानीपत जिले को ओरेंज जोन में रखा है। यहां 101 से 500 तक प्रवासी हैं।

100 से कम प्रवासी:

महेंद्रगढ़, पलवल, जींद, कैथल, फतेहाबाद, भिवानी और रोहतक को ग्रीन जोन में रखा है। यहां 100 से कम प्रवासी हैं।

किस राज्य से कितने श्रमिक

राज्य श्रमिक
यूपी 3911
एमपी 3322
बिहार 2369
झारखंड 674
राजस्थान 241
वेस्ट बंगाल 182
दिल्ली 139
हरियाणा 116
उत्तराखंड 108

इन राज्यों के हैं 25 से कम श्रमिक

महाराष्ट्र के 21, असम के 17, केरला के पांच, आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, मेघालय, तमिलनाडु, तेलंगाना के दो-दो और छत्तीसगढ़, कर्नाटक और सिक्किम के एक-एक लोग कैंपों में रह रहें हैं।

यह भी जानें :

राज्य में करीब आठ लाख लोगों ने दूसरे राज्यों में जाने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें करीब पौने दो लाख लोगों को बसों और ट्रेनों के जरिए भेजा जा चुका है। फिलहाल यूपी को लेकर दिक्कत आ रही है। वहां बसों को रोका जा रहा है। पंजीकरण कराने वाले अधिकांश लोग अपने ठिकानों पर रह रहें हैं। सरकार कह चुकी है कि दूसरे राज्य एनओसी देंगे तभी इन्हें भेजा जाएगा। सरकार इन्हें भेजने के लिए तैयार है। रेलवे से भी बातचीत हो चुकी है।