पूर्व सैनिकों के लिए 3 कैंटीनें खुलीं लेकिन सामान सिर्फ टोकन से

  • अम्बाला में 17 हजार पूर्व सैनिक, लंबी लाइनों में परेशान हो रहे, सभी बड़ी कैंटीन खोलने की मांग

अम्बाला. अम्बाला में 30 से ज्यादा सैन्य कैंटीनों में से सिर्फ पूर्व सैनिकों के लिए सिर्फ 3 कैंटीन खोली गई हैं। उनमें भी टोकन जारी किए जा रहे हैं। इससे पूर्व सैनिक व उनके परिवार चिलचिलाती धूप में ही लंबी लाइनों में घंटों इंतजार कर रहे हैं। यहीं नहीं टोकन के लिए लड़ाई और सिफारिशों तक की नौबत आ रही है। बराड़ा में तो मंगलवार को विवाद भी हो गया। एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कमेटी व पूर्व सैनिकों की मांग है कि सभी बड़ी कैंटीन खोली जाएं।

लॉक डाउन-4 में गोल्डन लॉयन, खड्ग टू और एयरफोर्स कैंटीन से ही पूर्व सैनिकों को सामान मिल रहा है। दिक्कत यह है कि कैंटीन खोलने के साथ-साथ कड़े नियम भी लागू कर दिए हैं। कैंटीनों के अंदर पूर्व सैनिकों जाने नहीं दिया जा रहा। पूर्व सैनिकों को टोकन सिस्टम के जरिए सामान दिया जा रहा है। टोकन हासिल करने वालों को गेट पर ही रोककर उनसे कैंटीन स्टाफ सामान की लिस्ट ले रहा है। फिर स्टाफ अंदर से स्वयं सामान लेकर बाहर पूर्व सैनिकों को दे रहा है।

बाहर ही बिलिंग भी हो रही है। टोकन सिस्टम का प्रोसेस इतना स्लो है कि दिन में कुछ पूर्व सैनिकों को ही सामान मिल रहा है जबकि ज्यादातर कैंटीन से बाहर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं। पहले 100 टोकन 9 बजे दे दिए जाते हैं जिसके बाद 11 बजे के करीब और टोकन दिए जाते हैं। दोपहर 2 बजे कैंटीन बंद की जा रही है। इस नए सिस्टम के कारण कैंटीनों के गेट के आगे पूर्व सैनिकों व उनके साथ आए लोगों की भीड़ लग रही है। पूर्व सैनिक 60 प्लस उम्र के हैं जोकि घंटों खड़े होने को मजबूर हो रहे हैं। टोकन के चक्कर में सुबह 8 बजे से कैंटीन गेटों पर पूर्व सैनिक पहुंच रहे हैं।

^रिटायर्ड जूनियर वारंट ऑफिसर कृष्णलाल ने बताया कि टोकन सिस्टम का प्रोसेस काफी धीमा है जिस कारण घंटों का समय लग रहा है। कैंटीन गेट के आगे घंटों खड़ा होना पड़ रहा है।
^रिटायर्ड सार्जेंट खुशबीर सिंह दत्त ने कहा कि सामान खरीदने के लिए टोकन एक दिन पहले एडवांस में देना चाहिए। इसके अलावा सेना क्षेत्र में अन्य कैंटीनों से भी पूर्व सैनिकों को सामान देने की छूट मिलनी चाहिए।
^रिटायर्ड सूबेदार मेजर सुलखन सिंह ने कहा कि सेना क्षेत्र में 30 से ज्यादा सीएसडी कैंटीन हैं, मगर महज 3 कैंटीनों में ही हजारों पूर्व सैनिकों को सामान लेने की छूट दी गई है। यह ठीक नहीं है।

कमेटी कर सकती है स्टेशन कमांडर से मुलाकात : मुलतानी
एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड सूबेदार अत्तर सिंह मुलतानी ने कहा कि करीब 17 हजार पूर्व सैनिक व उनके परिवार हैं। सीएसडी कैंटीनों के नए रूल परेशानी व भीड़ बढ़ा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो नहीं हो पा रही है। सभी बड़ी कैंटीनों को खोल देना चाहिए जिससे पूर्व सैनिकों को राहत मिले। यदि जल्द सेना इस पर निर्णय नहीं लेती तो कमेटी का प्रतिनिधिमंडल स्टेशन कमांडर से मिलेगा।