पन्ना कॉटेज के लोगों ने जताई नाराजगी, बोले-हम घरों में कैद और आसपास दुकानें खुली

  • पन्ना कॉटेज व रानीबाग के लोगों की मांग- कंटेनमेंट जोन खत्म हो

अम्बाला. कैंट सिविल अस्पताल के पास पन्ना कॉटेज के लोगों ने बुधवार को इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि उनकी 14 दिन की क्वारेंटाइन अवधि 18 मई को पूरा होने के बावजूद इलाका सील है। कॉटेज में 56 परिवार हैं। 1 मई को सिविल अस्पताल की साइट पर 16 श्रमिक कोरोना संक्रमित मिलने पर इलाके को कंटेनमेंट जोन बनाया था।
पन्ना कॉटेज के सोमनाथ, इंद्रपाल सिंह, रवि, सत्यकांत ने बताया कि 18 मई को पूरे इलाके की क्वारेंटाइन अवधि पूरी हो चुकी है। एमसी कॉलोनी के फ्रंट में इलेक्ट्रॉनिक शॉप और बेकरी तक खुल गई हैं। संक्रमित मिले मजदूरों की भी छुट्‌टी हो चुकी है। लेकिन पन्ना कॉटेज के लोगों को कोई रियायत नहीं दी जा रही। जबकि एमसी कॉलोनी में डॉक्टर्स क्वार्टर के निर्माण स्थल पर प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही है। लोगों ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में केवल दुकानदारों या प्रवासियों को ही नहीं यहां रहने वालों को भी रियायतें मिलें। दूध लेने तक नाके पर आना पड़ता है। लोगों की शिकायत के बाद बुधवार दोपहर को एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी आए और एमसी मार्केट की दुकानें बंद करा दी गई।
इधर, 9वीं का छात्र संक्रमित मिलने पर रानीबाग कंटेनमेंट जोन बना था। छात्र ठीक है। 18 मई को क्वारेंटाइन पोस्टर हटा दिए लेकिन कंटेनमेंट जोन की अवधि 14 दिन बढ़ा दी।

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक 28 के लिए कंटेनमेंट जोन बनाए जाते हैं। इन कंटेनमेंट जोन की अवधि अभी पूरी नहीं हुई है। 21 दिन के बाद से राहत दी जाती है।
डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन