दिल्ली से परमिशन लेकर सोनीपत से बसों में भरकर रात को यूपी लेे जाए जा रहे श्रमिक

  • 25 की परमिशन में 38 सवारियां बैठाई

सोनीपत. रातों-रात निजी बसों से श्रमिकों को उनके जाने और उनसे अच्छा खासा किराया वसूल करने का धंधा भी अब शुरू हो गया है। मंगलवार की रात काे अग्रसेन चाैक से यूपी नंबर की बस सवारियाें काे लेकर निकली। जिसमें अंदर 38 सवारियां बैठी थी और चार लोगों को छत पर बैठाया था। लाेगाें ने बस काे राेकना चाहा ताे बस चालक ने बस की रफ्तार तेज कर दी। लाेगों बाइक से बस का पीछा किया अाैर सेक्टर-15 स्थित डिवाइडर राेड पर बस काे राेक लिया।
इसके बाद बस काे चेक किया गया ताे बस में 25 सवारियाें के पास दिल्ली सरकार द्वारा नरेला की अथाॅरिटी ने जारी किया है। माैके पर खड़ी पीसीअार के हवाले बस चालक काे किया गया। आरोप हैं कि सवारियाें ने बताया कि प्रति सवारी बस चालक ने चार हजार रुपए लिया है। इसमें गाेरखपुर अाैर अासपास के लाेग सवार हैं। जिसमें कई बच्चे भी थे।
देर रात बस काे पकड़ने वाले गाेरक्षा दल के सदस्य हैं। यह अक्सर गायाें की तस्करी करने वाले लाेगाें काे पकड़ने के लिए इसी तरह से हाईवे अाैर दूसरी सड़काें के किनारे छुपे अाैर बैठे रहते हैं। अंदेशा हाेने पर यह गाड़ियाें काे पकड़कर पुलिस के हवाले करते हैं।
बताया गया है कि सवारियाें का पास बनवाने से लेकर तमाम प्रकार की प्रक्रिया में भी दूसरे लाेगाें ने मदद की थी। जिसके लिए इन लाेगाें ने अतिरिक्त धन चुकाया है। गाेरक्षा दल के सदस्य जाेंगद्र झा ने बताया कि बस चालक ने प्रति सवारी चार हजार रुपए किया वसूला है। सवारियाें में अाठ बच्चे हैं। जिनकी उम्र अाठ साल से 15 साल के बीच है। बस में काेई साेशल डिस्टेंसिंग नाम की चीज नहीं है। हद ताे यह है कि इतने लंबे सफर में सवारियाें काे ऊपर छताें पर बैठा दिया गया।