छूट मिलने पर बाजारों में लौटी रौनक, किसी ने नियमों का पालना किया तो किसी ने की मनमर्जी

  • व्यवस्था का आंकलन करने के लिए नगर निगम की टीम दिन पर शहर के बाजारों में दौड़ी, कई के काटे चालान

सोनीपत. चौथे लॉकडाउन में जिला प्रशासन की ओर से छूट दिए जाने के पहले दिन बाजार में रौनक बढ़ी। अब तक मेडिकल स्टोर व करियाणा की दुकानों तक सीमित रहे बाजार अब काफी गुलजार नजर आए। कच्चे क्वार्टर से लेकर बटन फैक्ट्री, गुड मंडी, छोटूराम चौक, पुरखास रोड पर न केवल दुकानें खुली बल्कि ग्राहकी भी खूब नजर आई। यही कारण रहा है कि किसी ने नियमों का ध्यान रखा तो कोई पहले ही दिन भूल भी गया। व्यवस्था के आंकलन के लिए नगर निगम की टीम भी पूरे दिन शहर के विभिन्न बाजारों में दौड़े। पहले लोगों से लेकर दुकानदारों को समझाया गया, जो नहीं समझे फिर चालान के रूप में सबक भी सिखाया गया। आज तीन चालान किए गए। शहर के मुख्य मार्ग पर करीब 50 से ज्यादा दिन बाद काफी चहल-पहल दिखाई दी। उल्लेखनीय है कि तीसरे चरण के लॉकडाउन में अचानक कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने पहले टोटल लॉकडाउन लगाया था।
नगर निगम के जेटीओ अशोक रोहिल्ला ने बताया कि लॉकडाउन का यह बेहद निर्णायक समय है, इस समय सभी को नियमों की सख्ती से पालना करनी चाहिए। यह सभी के लिए जरूरी है। निगम टीम ने मंगलवार को शहर के विभिन्न बाजारों में नियमों की पालना नहीं करने वाले लोगों को पहले जागरूक किया तथा तीन दुकानों के चालान भी किए।

थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मिली कर्मचारियों को इंट्री
शहर के बटन फैक्ट्री रोड पर अधिकांश ज्वेलर्स के शोरूम है। लंबे समय बाद दुकानें खोलने की मिली अनुमति के बाद सबसे पहले काफी समय साफ सफाई में बीता। फिर इसके बाद पहले अपने कर्मियों की थर्मल स्कैनिंग की गई तथा फिर ग्राहकों की भी। उसी के बाद दुकान में इंट्री, वह भी सैनिटाइज होने के बाद। ग्राहक एंव दुकानदार मास्क पहनकर व निर्धारित शारीरिक दूरी में नजर आए।

हम नहीं सुधरेंगे
प्रशासन की लगातार अपील के बावजूद शहर के कई दुकानों पर ग्राहकों ने शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया। कच्चे क्वार्टर से लेकर गुड मंडी क्षेत्र में यह स्थिति खूब देखने को मिली। प्रतिष्ठान संचालक के बार-बार कहने के बावजूद ग्राहक नहीं माने।

ऑटो मोबाइल में दिखी धैर्यता
शहर के ऑटो मोबिल की दुकानों में भीड़ तो थी, लेकिन तय दूरी के आधार पर। एटलस रोड पर तो ऑटो मोबिल वालों ने तो बाकायदा टोकन सिस्टम अपनाया। गाड़ी ठीक करवाने आए ग्राहक को बैठने के बाद सीधा समय दिया गया और कहा गया कि मिस्त्री गाड़ी का काम होने के बाद खुद जानकारी देगा।