घग्घर नदी पार कर 3 दिन से पेड़ों के नीचे बैठे 474 प्रवासियों को बसों से घर भेजा

  • विदाई देने पहुंचे विधायक असीम बोले-सीएम ने बसें उपलब्ध कराई, विपक्ष कोरी बयानबाजी कर रहा, बुधवार को जिले से 1,408 प्रवासियों की बसों से रवानगी
  • मुज्जफरपुर के लिए आज चलेगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन

अम्बाला. पंजाब से धकेले जाने के बाद घग्गर नदी पार कर मानकपुर-लोहगढ़ के पास काली माता डेरे में सफेदों के पेड़ों की छांव में 3 दिन से बैठे 474 प्रवासियों को 14 बसाें में भरकर यूपी के लिए रवाना किया गया। विधायक असीम गाेयल यहां पहुंचे और उन्होंने मजदूरों के लिए मेडिकल और भोजन की व्यवस्था करवाई। मंगलवार को रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद मजदूरों को बुधवार को रवाना किया गया।
करीब 300 मजदूरों को अम्बाला सिटी में ही रखा गया है। इनका रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। यह प्रवासी मजदूर भी पंजाब से आए थे। यहां 700 से ज्यादा मजदूर रह रहे थे। इन परिवारों के पास न ताे पैसे थे और न ही खाने के लिए सामान। कई परिवार में सदस्य गंभीर घायल थे। एक महिला की ताे गर्म दूध से बाजू जली हुई थी और एक परिवार में युवक की बाजू टूटी हुई थी। अपने बीवी-बच्चाें के साथ मजदूर खेताें में धक्के खाते फिर रहे थे। सिटी विधायक ने इनके लिए बसाें की व्यवस्था कर उनके गृह जिला में पहुंचाया। असीम गाेयल ने कहा कि यहां कई सामाजिक संस्थाओं ने अपने आप से उठकर इनकी सेवा की है। यह सराहनीय है। विपक्ष को भी राजनीति करने की बजाय मदद के लिए आगे आना चाहिए।

राधा स्वामी सत्संग ब्यास सेंटर नारायणगढ़ व शहजादपुर में अस्थाई शेल्टर होम में ठहराए गए 464 प्रवासी श्रमिकों को 14 बसों से यूपी रवाना किया गया गया। एसडीएम अदिति ने बताया कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास सेंटर के सेवादारों के सहयोग से भोजन, पानी, मास्क, सेनिटाइजर, बिस्कूट, टूथ ब्रश दिए हैं। यूपी के बरेली जिले के गांव सेतल की ज़हीन ने कहा कि इन दिनों रोजा रख रही हैं। सत्संग घर में ही नमाज अदा की। यहां जितने भी रोजेदार हैं, उन्हें सेवादार सुबह लगभग 3 बजे सेहरी में दूध व रस देते थे। शाम को इफ्तार दी जाती थी। इन यादों को जीवन भर नहीं भूला पाएंगी। ज़हीन ने बताया कि वह कालाआम्ब की फैक्टरी में परिजनों के साथ काम करती थी। लॉकडाउन में खाने व किराया देने की समस्या खड़ी हुई तो घर जा रहे हैं। झांसी के गांव भेरा के बुद्ध सिंह ने कहा कि वह पास के ही गांव लाहा में खेतीहर मजदूरी का काम करता था। गेहूं का सीजन समाप्त होने के कारण घर जा रहा है। पिन्टू, हरी राम ने कहा कि परिजनों से मिलने जा रहे हैं, कोरोना खत्म होगा तो जरूर लौटेंगे।
रेलवे द्वारा कैंट रेलवे स्टेशन से मुज्जफरपुर के लिए वीरवार शाम काे 4 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। अम्बाला के अलावा अन्य जिलों से श्रमिक यात्री इस ट्रेन से रवाना होंगे। कैंट में इस समय अलग-अलग शेल्टर होम में 725 से ज्यादा श्रमिक ठहरे हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा साहा के निरंकारी सत्संग भवन में 285, कैंट के बीपीएस स्कूल में 200, आसाराम आश्रम में 97, राधा स्वामी सत्संग भवन साहा में 131 व यादव धर्मशाला में 12 श्रमिक हैं। इनमें से अधिकतर श्रमिक वीरवार को स्पेशल ट्रेन से रवाना होंगे।