एक स्टार रेटिंग के काबिल भी नहीं सोनीपत

  • इसका अब स्वच्छता रैंकिंग पर पड़ सकता है नकारात्मक असर

सोनीपत. स्वच्छ सर्वेक्षण की स्टार रैंकिंग में सोनीपत को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। स्टार रेटिंग प्रतियोगिता के लिए मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डिवेलपमेंट ने सोनीपत का नाम रिजेक्ट कर दिया है। नगर निगम ने सरकार को दिए गए सेल्फ डिक्लेरेशन से केंद्र सरकार संतुष्ट नहीं हो पाई इसलिए नाम रिजेक्ट कर दिया है। हद यह है कि सोनीपत को एक स्टार रेटिंग को भी केंद्र ने इसके काबिल भी नहीं समझा नहीं। स्टार रैंकिंग हासिल नहीं कर सके नगर निगम का सीधा असर स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की रैंकिंग पर भी पड़ना अब तय है। क्योंकि शहर को स्टार रेटिंग मिलने से कुछ नंबर स्वच्छ सर्वेक्षण में जुड़ जाते, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम साेनीपत के लिए चिंताजनक रहे हैं। 2018 के साल जहां सोनीपत ने 156 रैंक हासिल किया, वहीं 2019 इस बार यह बिगड़कर 161वें स्थान पर पहुंच गए है। इस साल के शुरुआत में केंद्रीय नगर विकास मंत्रालय की तीन टीमों ने शहर में स्वच्छता का आंकलन किया था।

सिर्फ 10 प्रतिशत कूड़े का ही हो रहा निस्तारण

केंद्र ने गारबेज फ्री सिटी प्रतियोगिता शुरू की है, जो देश के अलग-अलग शहरों में चल रही है। इसमें जो भी शहर 100 परसेंट गारबेज फ्री हो जाएगा उसे स्टार रैंकिंग दी जाएगी। ये रैंकिंग 1 से लेकर 7 तक के बीच में होगी। प्रदेश में राेहतक को एक तो करनाल को थ्री स्टार रैंकिंग मिली है। 100 प्रतिशत गारबेज फ्री वही शहर होगा जहां पर कहीं भी कूड़ा न दिखाई दे और सभी जगहों पर 100 प्रतिशत डस्टबिन हो। जबकि सोनीपत में केवल 10 प्रतिशत कूड़े का ही निस्तारण हो रहा है। बताया गया है कि सोनीपत ने भी सारी डिटेल सेल्फ डिक्लेरेशन के माध्यम से सरकार को भेजी, लेकिन केन्द्रीय अधिकारी इससे संतुष्ट नहीं हो सकें।
इन कमियों की वजह से कटा नाम
आज भी शहर में 100 से ज्यादा कूड़ा कलेक्शन पॉइंट हैं। ये खत्म होंगे तभी वहां पर कूड़े के ढेर लगना बंद होंगे।
शहर मे इस वक्त केवल 550 कूड़ेदान ही लगे हैं।
कूड़ा उठाने के लिए आज भी 50 गाड़ियों की आवश्यकता है।
कूड़े को उठाकर उसका निस्तारण करना होता है लेकिन शहर के कूड़े का सही ढंग से निस्तारण नहीं हो रहा है, मुरथल प्लांट की अन्य प्लांट की वर्किंग की रफ्तार धीमी है।