34 घंटे लगे आवर्धन नहर में आई दरार की मरम्मत में, रांवर में कई मकान के गिरने का खतरा, नहर कई जगह से है जर्जर

  • प्रशासन करेगा नहर की पटरी टूटने की जांच
  • घरों के अंदर घुसा पानी तो खेत झील में हुए तब्दील, निकासी के लिए ड्रेन 1 के जरिये सिंचाई विभाग ने 5 पंपों से पानी निकालना किया शुरू

करनाल. आखिरकार 34 घंटों के बाद आवर्धन नहर में आई दरार की मरम्मत हो पाई है। पानी के तेज बहाव से दरार पाटने के काम में लगातार दिक्कतें आ रही थी और बीती देर रात दरार की चौड़ाई साठ तक पहुंच गई थी। नहर में पानी का बहाव कम होने से रिपेयर के कार्य में तेजी आई। हालांकि दरार बंद होने से पहले नहर से निकला पानी रांवर गांव को पार करते हुए गंजो गढ़ी व ऊंचा सामना गांव के खेतों तक पहुंच चुका था। विधायक हरविंद्र कल्याण ने कहा कि सरकार नहर टूटने की जांच करेगी और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। विधायक ने गांव में घर-घर जाकर पानी घुसने से हुए नुकसान का जायजा लिया और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार प्रभावित परिवारों को मुआवजा देगी।

प्रशासन के दावों के विपरीत 24 घंटे बीतने के बाद आवर्धन नहर में पानी का बहाव थमा। बीते रविवार की सुबह चार बजे नहर टूटने की सूचना मिलने के बाद नहर में पानी की सप्लाई बंद करवाई गई थी। अधिकारियो के मुताबिक 10 से 12 घंटे में नहर खाली होनी थी, लेकिन रविवार की सुबह करीब 4 बजे आवर्धन नहर में पानी का बहाव बंद हुआ। नहर खाली होने के बाद पटरी पर चले रहे कार्यों में तेजी आई और दोपहर करीब दो बजे साथ फिट चौड़ी दरार को भर दिया गया। सिंचाई विभाग नहर के तटबंध बनाने का कार्य शुरू करेगा उसके बाद ही नहर में पानी की सप्लाई शुरू होगी। नहर टूटने से सबसे अधिक प्रभावित रांवर गांव हुआ है। बैंक, एटीएम बूथ, स्कूल सहित सैकड़ों ग्रामीणों को पानी की मार झेलनी पड़ी। पानी की निकासी ड्रेन संख्या एक में करने के लिए सिंचाई विभाग ने पांच पंपों के जरिए पानी निकालना शुरू कर दिया है।
बस्ती के दो दर्जन घरों पर ढहने का खतरा : रांवर गांव में स्थित महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती जिसे भट्ठा कॉलोनी भी कहते है। इस कलौनी के करीब दो दर्जन घरो पर ढहने का खतरा मंडरा रहा है। बस्ती के निवासी परमजीत, सुरजीत व अमन ने बताया कि नहर टूटने से बस्ती में घुसे पानी की निकासी नहीं हो रही है जिस वजह से घरो के अंदर व बाहर पानी खड़ा है। कॉलोनी में कई कई फिट पानी खड़ा होने से मकानों में दरार आनी शुरू हो गई है। खतरे को देखते हुए बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने बच्चो को गांव के सुरक्षित हिस्से में भेज दिया है। बस्ती में पहुंचे विधायक हरविन्द्र कल्याण ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तुरंत इस कॉलोनी से पानी की निकासी करने के निर्देश दिए।
घरों से पानी निकला, बाहर बनी झील
नहर में पानी की सप्लाई बंद होने से रांवर गांव में घुसा पानी घरों से बाहर निकल चुका है, लेकिन गांव के आसपास सैकड़ों एकड़ का इलाका झील में तब्दील हो गया है। भट्ठा कॉलोनी व गंजोगढ़ी रोड के साथ लगते खेतों में कई कई फिट गहरा पानी खड़ा है। नहर तोड़कर गांव में घुसे पानी का बहाव इतना अधिक था कि रांवर से ऊंचा सामना गांव के बीच की सड़क आधे से ज्यादा टूट गई। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से उनके गांव पर यह आफत आई है और अब गांव में घुसे पानी की निकासी में भी लापरवाही बरती जा रही है।
खौफ के साए में छत पर गुजारी रात
गांव के कई मोहल्लों में पानी का लेवल अधिक था जिस वजह से ग्रामीण डरे हुए थे। दारा राम, विशाल, अमित, संतोष, गीता व पूजा ने बताया कि अचानक घरों में पानी घुसने से उन्हें कुछ भी समझ नहीं आया। घरों के अंदर तीन से चार फिट पानी भर गया जिससे घर में रखा सामान और अनाज ख़राब हो गया। गाँव के दर्जनों मकानों में दरारें आ चुकी है जबकि कई मकानों की दीवारें खिसकने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने डरते हुए बीती रात घरो की छतों पर गुजारनी पड़ी।
लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा
नहर टूटने के बाद लगातार रांवर गांव व आवर्धन नहर पर मौजूद रहे विधायक हरविंद्र कल्याण ने कहा कि सरकार नहर टूटने के कारणों की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने शिकायत की है कि नहर के किनारे कई स्थानों पर जर्जर हालत में है और सिंचाई विभाग ने पटरी की मरम्मत करने में लापरवाही बरती है। विधायक ने कहा कि सिंचाई विभाग समय समय पर नहर की मरम्मत करता है। यदि किसी अधिकारी ने रिपेयर के काम में लापरवाही बरती है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।