स्टेडियम में खिलाड़ी कर सकेंगे प्रेक्टिस, वहीं आज से खुलेगी यूनिवर्सिटी

  • 18 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के अभिभावकों को देना होगा लिखित में-उनकी होगी जिम्मेदारी स्वीमिंग पूल पर पाबंदी
  • खिलाड़ियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी, 8 से 10 खिलाड़ियों का होगा एक ग्रुप, एक-एक घंटा मिलेगी ट्रेनिंग

कुरुक्षेत्र. लॉकडाउन का चौथा चरण शुरु हो चुका है। लेकिन इस चरण में रियायतों का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। लंबे समय से प्रेक्टिस से दूर खिलाड़ियों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें स्टेडियम में प्रेक्टिस की छूट दी है। हालांकि एक दिन पहले ही जिला खेल विभाग को खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग की व्यवस्था बनाने के आदेश भी सरकार से मिले थे। लेकिन अब चौथे चरण के लॉकडाउन में खिलाड़ियों के लिए नियमों के तहत प्रेक्टिस की छूट गई है। राज्य सरकार के आदेशानुसार खिलाडी अब सोशल डिस्टेंस के नियमों की पालना करते हुए खेल प्रांगण में अभ्यास कर सकेंगे। इन खेल प्रांगणों में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में कम से कम 2 मीटर का डिस्टेंस होना जरूरी है। खिलाड़ियों को छोटे-छोटे ग्रुप में ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। खेल प्रांगण तथा कार्यालय में निर्धारित स्थलों पर सेनिटाइजर का प्रयोग किया जाना जरूरी है।
{31 तक खुलेंगे स्पोर्टस कांप्लेक्स | डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने मंगलवार को इसे लेकर आदेश जारी करते हुए कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइंस के अनुसार देश में 31 मई तक स्पोर्टस काम्पलेक्स और स्टेडियम को खोलने की इजाजत दी है, लेकिन खेल प्रांगण में दर्शकों के बैठने की इजाजत नहीं होगी। गाइड लाइंस के अनुसार हरियाणा के खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की तरफ से खेल प्रांगणों में अभ्यास के लिए स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) तैयार किया है । एसओपी के अनुसार सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों व स्टाफ के सदस्यों को अरोग्य सेतू एप्लिकेशन का प्रयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए सरकार द्वारा आदेश दिए हैं ।
{हॉल में नहीं चला सकेंगे एसी | इसके तहत सेंट्रल एसी वाले खेल प्रांगणों में एसी चलाने की अनुमति नहीं होगी। खेल विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। खेल प्रागंण के प्रवेश पर सेनिटाइजर जरूरी होगा। यहां पर सेनिटाइजर का प्रयोग व अन्य गाइडलाइन को लेकर नोटिस भी लगाना होगा।
इन बातों का रखेंगे ख्याल | खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को खेल प्रागंण के क्षेत्र में सोशल डिस्टेंस के नियमों की पालना करने के साथ-साथ मास्क का प्रयोग करना बहुत जरूरी है। प्रशिक्षक इस बात पर ध्यान देंगे कि कोई भी खिलाड़ी आपस में हाथ न मिलाएं । इसके अलावा खेल स्टेडियम में बन्दूक, तलवार, जैबलियन, डिस्कस, क्रिकेट बैट व रैकेट आदि सामान को खिलाड़ी एक दूसरे के साथ शेयर नहीं करेंगे। खेल प्रांगणों में स्वास्थ्य सेवाओं के सभी कमरों और फर्नीचर का सबुह 8 बजे से पहले और दोबारा 11 बजे सेनिटाइज करवाना जरूरी है।
अभिभावकों को देना होगा लिखकर | अगर किसी एथलेटिक्स की उम्र 18 वर्ष से कम है तो प्रशिक्षक को उसके अभिभावक से लिखित में लेना होगा कि खेल प्रागंण में कोविड-19 को लेकर किसी भी घटना के अभिभावक ही जिम्मेवार होंगे। इसी प्रकार स्वीमिंग पूल को किसी भी स्थिति में खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशिक्षक गर्मी को देखते हुए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण का शेड्यूल तैयार करेंगे।
8 से 10 खिलाड़ियों का बनेगा ग्रुप-तय होगा शेड्यूल: डीसी खड़गटा
डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि खेल प्रांगणों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने से पहले 8 से 10 खिलाड़ियों का एक ग्रुप बनाना होगा। अगर खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा है तो 8 से 10 खिलाड़ियों के छोटे-छोटे कई गुप्र बनेंगे। इन ग्रुपों में भी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कम से कम 2 मीटर का सोशल डिस्टेंस रखना होगा। एक दूसरे की बॉडी आपस में टच न हो। खेल प्रांगण में फ्री हैंड एक्सरसाइज और योगा आसन पर विशेष ध्यान देना होगा। अगर किसी टीम इवेंट में 18 खिलाड़ी और 2 कोच है तो वह एक घंटा निर्धारित संख्या में ग्रुप को प्रशिक्षण देंगे और उसके बाद दूसरे गुप्र को प्रशिक्षण देंगे। इसके अलावा किसी व्यक्तिगत गेम में प्रशिक्षक को तय करना होगा कि एक समय में 10 से ज्यादा खिलाड़ी न हो।