सिटी सिविल अस्पताल की ओपीडी बढ़ी सामान्य दिनों की अपेक्षा 50% आ रहे मरीज

  • जिले में काेराेना के एक्टिव केस नहीं हाेने से अब लाेग पहले से ज्यादा अपने घराें से निकल रहे

अम्बाला. जिले में काेराेना के एक्टिव केस नहीं हाेने से अब लाेग पहले से ज्यादा अपने घराें से निकल रहे हैं। इसका असर स्वास्थ्य विभाग की अाेपीडी पर भी देखा जा रहा है। मंगलवार काे सिटी सिविल अस्पताल में अाम दिनाें की अपेक्षा काफी मरीज अाए। स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, बाल रोग विशेषज्ञ व फ्लू ओपीडी पर काफी मरीज पहुंचे। दोपहर 12 बजे तक आम दिनों की अपेक्षा 40 फीसदी तक मरीज देखे जा चुके थे। डॉक्टरों के मुताबिक धीरे-धीरे ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है और यह कोरोना संक्रमण से पहले की अपेक्षा 50 फीसद तक पहुंच गई है।
आर्थोपेडिक ओपीडी में दोपहर 12 बजे तक करीब 90 रजिस्ट्रेशन हो चुका था। आर्थोपेडिक ओपीडी में मरीजों को देख रहे एसएमओ डॉ. पवनीश ने बताया कि 12 बजे तक 42 मरीज चेक करवा चुके थे। इसी प्रकार बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभ ज्योति की ओपीडी में रोजाना करीब 50 मरीज पहुंच रहे हैं। गायनी ओपीडी में इंचार्ज डॉ. वीनू अरोड़ा अपनी सहकर्मी के साथ चेक कर रहीं थी। बाहर गर्भवती महिलाएं गोल दायरे में नीचे बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं।
डाॅ. वीनू अराेड़ा ने बताया कि जब लाॅकडाउन लागू हुअा तब करीब 60 पेशेंट अाते थे, अब 150 तक पहुंच गए हैं। अाेपीडी लगभग सामान्य स्थिति में अा गई है। मेडिसिन ओपीडी देख रहे डॉ. हर्ष की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी।
इस लाइन में साेशल डिस्टेंस की कमी साफ नजर आई। वहीं, फ्लू ओपीडी में लगभग 150 मरीज पहुंच रहे हैं। इसी प्रकार अल्ट्रासाउंड में रोजाना 40 तक अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं जबकि आम दिनों में संख्या 60 तक रहती है। डॉक्टरों को आने वाले दिनों में ओपीडी में संख्या के बढ़ने की उम्मीद है।
एक्स-रे मशीन खराब, ट्रॉमा सेंटर में करवाने पड़ रहे
अस्पताल की एक्स-रे मशीन काफी समय से खराब पड़ी है जो कि काफी पुरानी हो चुकी है। अब एक्स-रे के लिए मरीज ट्रॉमा सेंटर की मशीन पर निर्भर हैं लेकिन एक्स-रे की रिपोर्ट अस्पताल में ही डेवलप हो रही है। जिससे मरीजों के साथ-साथ स्टाफ के भी चक्कर कट रहे हैं।