साहा ग्रोथ सेंटर में 40 प्रतिशत फैक्ट्रियों में ही चल रहा काम

अम्बाला. साहा ग्रोथ सेंटर में कोरोना महामारी में सावधान के चलते चहल पहल अभी लौटी नहीं हैं। अभी केवल 40 प्रतिशत फैक्ट्रियों में ही काम चल रहा है। वर्कर भी काम पर आधे से कम बुलाए जा रहे हैं। कोल्ड ड्रिंक, बीयर व दवाइयों की फैक्ट्रियों में काम हो रहा है। इसके अलावा पैकेजिंग का काम करने वाली फैक्ट्रियों में भी काम हो रहा है। साहा ग्रोथ सेंटर में लगभग 350 फैक्ट्रियों में अलग अलग काम होता है। इनमें से अभी 160 के लगभग शुरू हो पाई हैं।
एचएसआईआईडीसी विभाग ने सर्वे शुरू किया है कि कितनी यूनिट वर्किंग में आ चुकी हैं और कितने वर्कर काम पर आ रहे हैं। साहा इंडस्ट्री एरिया दो भागों में बंटा है। एक जनरल इंडस्ट्री के लिए व दूसरा भाग फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए। यहां साइंटिफिक उद्योग की से जुड़ी कई फैक्ट्रियां भी लगाई गई हैं। साहा इंडस्ट्री एरिया में लेबर आसपास के गावों से आती है। कुछ लेबर अम्बाला कैंट से भी आती है। साहा इंडस्ट्री एरिया एसोसिएशन के प्रधान राजबीर चौधरी ने बताया कि एसोसिएशन के सदस्यों ने लॉकडाउन में अपने स्टाफ व लेबर का पूरा ध्यान रखा। उनके यहां जो प्रवासी मजदूर फैक्ट्रियों में काम कर रहे थे। उनमें से कितने वापस चले गए। यह सूचना अभी हमारे पास नहीं है। इंडस्ट्री लिस्ट कमल गुप्ता ने बताया कि धीरे धीरे काम पटरी पर आ रहा है। आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माता राजीव शर्मा ने बताया कि अभी कोरोना के चलते सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन के चलते फैक्ट्रियों में आधे से भी कम स्टाफ बुलाया जा रहा है। कई फैक्ट्रियों में सिर्फ क्लेरिकल स्टाफ को ही बुलाया जा रहा है ताकि पिछले दो महीने से पेंडिंग पेपर वर्क पूरा किया जा सके।