लॉकडाउन में मजदूरों को राहत देने के लिए मनरेगा के तहत अधिक लोगों को मिलेगा काम

  • पारदर्शिता के लिए बनाया जाएगा पोर्टल, हर गांव की होगी जानकारी

पानीपत. सीएम मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार देने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। मनरेगा के तहत 309 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने के मामले में हरियाणा देश में प्रथम स्थान पर है और कोरोना संकट के इस काल में आने वाले दिनों में मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों में वृद्धि करके अधिक से अधिक लोगों को काम देने पर बल दिया जाएगा। सोमवार को सीएम ने मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा मनरेगा योजना के तहत 40 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है, उससे हरियाणा को बहुत लाभ होगा और हरियाणा में मनरेगा के कार्यों में तेज़ी आएगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों की पूरी पारदर्शिता के लिए एक वेब पोर्टल भी बनाया जाए, जिसमें प्रदेश की हर ग्राम पंचायत का ब्यौरा दिया जाए कि वहां विभिन्न विभागों द्वारा क्या-क्या कार्य किए गए हैं, इसके अलावा, जो कार्य प्रगति पर हैं उनकी भी जानकारी पोर्टल पर दी जाए ताकि गांव का प्रत्येक व्यक्ति इन कार्यों के बारे जानकारी प्राप्त कर सके।
मनरेगा पर इस साल श्रमिकों को दोगुने से ज्यादा देंगे रोजगार, 1000 करोड़ खर्चने का लक्ष्य: दुष्यंत
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन-4 की गाइडलाइन जारी करने के बारे में कहा है कि सरकार हालात सामान्य करने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य करने के साथ-साथ प्रदेश सरकार राजस्व को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक गतिविधियों को वापस पटरी पर ला रही है। प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि एक हजार करोड़ रुपए के बजट के साथ मनरेगा के जरिए इस वर्ष बड़े पैमाने पर विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने राज्य को आर्थिक सहायता के लिए भी केंद्र का धन्यवाद किया और कहा कि केंद्र की सहायता से राज्य को मजबूती मिलेगी। बीते 5 सालों में हर साल मनरेगा के जरिए 350 से 450 करोड़ रुपए तक के काम करवाए जाते रहे हैं लेकिन इस साल लक्ष्य है कि नए कामों को शामिल करके 1000 करोड़ का रोजगार मनरेगा के जरिए दिया जा सके। स्कूलों में निर्माण, नदियों की सफाई, वन विभाग के काम और पौधे लगाने आदि में इस वर्ष मनरेगा मजदूरों की मदद ली जाएगी।