यमुनानगर में पौंटा साहिब नेशनल हाइवे किया 20 मिनट तक जाम, पुलिस ने पहुंचकर समझाया

  • डीएसपी सुधीर तनेजा ने मजदूरों को आश्वासन दिया उन्हें बुधवार को ट्रेन से भेजा जाएगा
  • यूपी व बिहार के सैकड़ों मजदूरों को यमुनानगर की लक्कड़ मंडी में रखा गया है

यमुनानगर. यमुनानगर के मानकपुर लक्कड़ मंडी में जिला प्रशासन ने यूपी व बिहार के सैकड़ों मजदूरों को रोका हुआ है। मंगलवार को फिर से मजदूरों के सब्र का बांध टूट गया और वे घर जाने की मांग करते हुए यमुनानगर के पौंटा साहिब नेशनल हाइवे पर आ गए। उन्होंने 20 मिनट हाइवे जाम रखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया, जिसके बाद हाइवे खोला जा सका।

मजदूरों द्वारा हाइवे जाम कर देने की सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची।

बता दें कि यमुनानगर से यूपी की सीमा लगती है। पंजाब से आए बहुत से प्रवासी पैदल यूपी में प्रवेश करने के लिए यमुनानगर पहुंच रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूरों को जिला प्रशासन ने यमुनानगर की लक्कड़ मंडी में रोक रखा था।

पुलिस ने मजदूरों को समझाया लेकिन पहले वे नहीं माने लेकिन फिर पुलिस के आश्वासन पर मान गए।

मंगलवार को अचानक से मजदूर भड़क गए, उनकी मांग थी कि उन्हें पैदल चेल जाने दिया जाए। यह कहकर उन्होंने पौंटा साहिब नेशनल हाइवे जाम कर दिया। मजदूरों का आरोप था कि उन्हें खाना नहीं मिल रहा है, काम नहीं मिल रहा है। इस महामारी में जैसे-तैसे अपने घर जाना चाहते हैं।

मजदूरों ने बिहार के सीएम नितिश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

मजदूरों ने बिहार के सीएम नितिश कुमार द्वारा कोई मदद न किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने नितिश कुमार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। करीब 20 मिनट तक पौंटा साहिब हाइवे पर वाहनों की आवाजाही धम गई। इस बीच वहां पुलिस पहुंची।

मजदूरों का कहना था कि बिहार के सीएम ने उनकी कोई मदद नहीं की।

डीएसपी सुधीर तनेजा ने उन्हें आश्वासन दिया कि बुधवार को उन्हें जरुर से जरुर ट्रेन के उनके प्रदेश भेजा जाएगा। पहले वे मानने को तैयार नहीं हुए लेकिन डीएसपी के आश्वासन पर उन्होंने जाम खोल दिया। बता दें कि इससे पहले यमुनानगर में ही प्रवासी मजदूरों द्वारा जाम लगाने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस लाठीचार्ज की राजनीतिक पार्टियों ने कड़े शब्दों में निंदा की थी।