बीमारी से परेशान स्पेशल पुलिस ऑफिसर और बेरोजगारी से तंग युवक ने फंदा लगा दी जान

  • एसपीओ ने गांव नगलमूंदी और भाड़ावास निवासी युवक ने अकबरपुर गांव के पंप के समीप लगाई फांसी

रेवाड़ी. जिले के खोल थाना क्षेत्र के गांव नांगल मूंदी निवासी एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर ने रविवार की रात को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। प्रारंभिक जांच में एसपीओ का काफी समय से इलाज चल रहा था और संभवत: बीमारी से परेशान होकर ही उसने यह कदम उठाया है। आत्महत्या की दूसरी घटना भाड़ावास गांव के समीप हुई जहां पर एक युवक ने बेरोजगारी से परेशान होकर आत्महत्या को गले लगा लिया। पुलिस ने दोनों मामलों में शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
ड्यूटी के बाद घर आए और रात को लगाई फांसी
नांगलमूंदी गांव निवासी परीक्षित भारतीय नौ-सेना में थे जहां से उन्होंने वीआरएस लेने के बाद दो साल पहले जिला पुलिस में एसपीओ की ड्यूटी ज्वाइन की थी। एसपीओ के तौर पर उनकी ड्यूटी मॉडल टाउन में थी लेकिन फिलहाल लॉकडाउन की वजह से उनकी ड्यूटी अब शहर थाना क्षेत्र में लगाई हुई थी। शहर से प्रतिदिन ड्यूटी करने के बाद वे शाम को अपने घर आते थे और रविवार को भी दिनभर ड्यूटी करने के बाद शाम को अपने घर लौटे थे। रात को उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ खाना खाया और इसके बाद दूसरे कमरे सोने के लिए चले गए थे। रात के समय उन्होंने फांसी लगा ली। उनकी पत्नी ने उन्हें रात को ही देख लिया जिसके बाद तत्काल परिजनों को सूचना दी और इसके बाद उन्हें अस्पताल भी लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल उनके पास से किसी भी तरह कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पत्नी ने बताया कि काफी समय से अवसादग्रस्त चल रहे थे तथा गुड़गांव के एक नामी अस्पताल में इलाज चल रहा था। मानसिक बीमारी की वजह से फांसी लगाई है। पुलिस ने घटना के संबंध में सामान्य कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
युवक ने गांव में ही कर ली खुदकुशी
आत्महत्या की एक दूसरी घटना में मूलत: गांव भाड़ावास निवासी एक युवक ने अकबरपुर गांव के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने स्थित पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब पंप कर्मचारियों ने फंदे पर एक युवक का शव लटका देखा तो इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर उसकी पहचान कराई तो आसपास के लोगों ने मृतक की पहचान भाड़ावास निवासी प्रदीप के रूप में की। भाड़ावास गांव चौकी इंचार्ज एएसआई नीतू ने बताया कि मृतक इसी गांव का था लेकिन काफी समय से रेवाड़ी में ही रहकर नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था। रविवार की रात को वह रेवाड़ी से आया है और घर जाने की उसने गांव से कुछ दूरी पर स्थित पंप के सामने सड़क किनारे पेड़ पर फांसी लगा ली। पुलिस ने बताया कि मृतक शादीशुदा था और उसका एक बेटा भी है।
उधर, कोसली में राजमिस्त्री ने फांसी लगाई और 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत
रेवाड़ी | कोसली के नाहड़ रोड स्थित शिव कॉलोनी में सोमवार सुबह पेट दर्द की शिकायत के बाद एक युवती द्वारा ली गई दवा के बाद उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। युवती की हालत बिगड़ने के बाद उसके परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने बताया कि शिव कॉलोनी निवासी महिला ने बताया कि उसकी 19 वर्षीय बेटी व बेटा शाम को अच्छी तरह खाना खाकर सोए थे। सुबह युवती ने बताया कि उसके पेट में दर्द है जिसके बाद उसने कोई दवा ले ली। दवा लेने के बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी तो उसने अपने परिजनों को जगाया जिसके बाद वे उसे तत्काल अस्पताल लेकर जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गांव कान्हड़वास में भी एक राजमिस्त्री ने संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव का नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को दिए बयान में मृतक के बेटे ने बताया कि उसका 51 वर्षीय पिता जगरूप सिंह सुबह घर से काम पर जाने के लिए साईकिल लेकर निकले थे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि उसके पिता का शव पेड़ पर लटका हुआ है। परिजनों के बयान पर पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।