नवासे काे मिलने के 1 महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए थे, ढाई माह से फंसे, अब वापसी का कराया रजिस्ट्रेशन

  • ऑस्ट्रेलिया से वापसी के लिए 16 हजार लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, 28 मई तक 1400 ही आ सकेंगे

अम्बाला. रामनगर निवासी रामनाथ राणा व उनकी पत्नी सुनीता राणा अपने नवासे काे मिलने के लिए बेटी के घर 2 मार्च काे आस्ट्रेलिया के मेलबर्न गए थे। 2 अप्रैल काे उनकी वापसी थी। लेकिन काेराेना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन की वजह से वे इंडिया वापिस नहीं आ पाए। उन्हें वहां रहते हुए अब ढ़ाई महीने के करीब हाे चुके हैं। बातचीत में उन्हाेंने बताया कि मेरी पत्नी सुनीता काे माइग्रेन व मुझे टेंशन की समस्या है। इलाज भी अपने शहर से चल रहा है। दिक्कत आ रही है क्याेंकि यहां वाे दवाइयां नहीं मिलती। काेरियर सर्विस बंद हाेने के कारण दवाइयां मंगवा भी नहीं पा रहे हैं ऐसे में दाेनाें काे हेल्थ की समस्याएं आ रही हैं।
बताते हैं कि सहारनपुर के पास गांव भाड़ी में उनके अाम के बाग हैं। साेचा था कि अप्रैल में दवाई डाली जाती है ताे उससे पहले अपने नवासे काे मिलकर वापिस अा जाएंगे। इसलिए 2 अप्रैल की वापसी की टिकट करवाई थी। लेकिन फ्लाइट कैंसिल हाेने की वजह से यहीं रूकना पड़ा। आम की पैदावार पूरी तरह से खराब हाे चुकी है क्योंकि पीछे से काेई देखभाल करने वाला नहीं है। हर तरफ से नुकसान ही हाे रहा है काराेबार भी बंद है क्याेंकि मेरा ताे पूरा परिवार बाहर ही फंस गया है। हम यहां आस्ट्रेलिया में है और बेटा भी पिछले दाे साल से कनाडा में रह रहा है ऐसे में पीछे से बिजनेस व आम के बाग काे देखने वाला काेई भी नहीं है। गौरतलब है कि रामनाथ राणा द हरियाणा कार्पोरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी वेल्फेयर एसोसिएशन अम्बाला के प्रधान भी हैं।

ऑस्ट्रेलिया में स्थिति है काबू में

रामनाथ राणा ने बताया कि यहां राेजाना 13 या 14 केस ही अाते हैं। डेथ रेट भी बिल्कुल कम है। यहां की सरकार ने पूरा कंट्रोल किया हुअा है। यहां कार में दाे लाेग व एक बच्चा ही बाहर जा सकते हैं। अगर इसके अलावा तीसरा काेई कार में ट्रेवल करता दिखा ताे 90 हजार रुपए जुर्माना या 6 महीने की जेल हाे जाती है। सामने की बात है कुछ बच्चे पार्क में खेल रहे थे तभी परिवार वालाें काे 90 हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ा। यहां उच्चाधिकारी हाे या अाम नागरिक सभी काे रूल्स फाॅलाे करने पड़ते हैं। यही वजह है कि यहां काेराेना का संक्रमण कम है। सुबह 7 से शाम 7 बजे तक माॅल्स व शापिंग कांप्लेक्स खुलते हैं लेकिन वहां भी लाइन में लगकर साेशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी है।