कोरोना संदिग्ध पीजीआई फैकल्टी को एमडीयू में करेंगे क्वॉरेंटाइन, पॉजिटिव हुए तो अस्पताल लाएंगे

  • फैकल्टी हाउस में क्वाॅरेंटाइन को लेकर एमडीयू शिक्षक और गैर शिक्षकों ने पहले जताया विरोध, डीसी ने दिया कानूनों का हवाला हाे गए राजी

रोहतक. दो सप्ताह से एमडीयू के फैकल्टी हाउस में क्वाॅरेंटाइन सेंटर बनाए जाने को लेकर चल रहा विरोध आखिर सोमवार को बैठक में थम गया। सुबह साढ़े 9 बजे लघु सचिवालय में डीसी आरएस वर्मा की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में पहले तो शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों ने अपना विरोध जताया, बाद में संवैधानिक व सामाजिक हितों का हवाला मिलने पर रजामंदी दे दी गई। बैठक में सबसे पहले एमडीयू के रजिस्ट्रार गुलशन तनेजा से कारण पूछा तो उन्होंने शिक्षक और गैर शिक्षक दोनों संगठनों की ओर से विरोध किए जाने का कारण बता दिया। इसके बाद गैर शिक्षक संघ के प्रधान कुलवंत मलिक से कारण पूछा गया तो उन्होंने रिहायशी परिसर में जगह देने के लिए विरोध की बात कही। इसके बाद शिक्षक संघ प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि 5 हजार परिवारों की सुरक्षा का सवाल है। इस पर डीसी ने जिले की जनसंख्या का हवाला देकर कहा कि हमें तो पूरे जिले की जनता का ख्याल रखना है। इसलिए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझें। काफी गहमागहमी के बीच बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली।
पीजीआई और एमडीयू की मीटिंग में डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए सभी पूर्ण सहयोग करें। सभी का उद्देश्य मिलकर कोविड-19 को हराना है। उन्होंने कहा कि कोरोना वॉरियर्स के रूप में बेहतरीन कार्य कर रहे डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ के हौसले को बढाना है। डीसी ने कहा कि कोरोना-19 के संदर्भ में सभी शंकाओं का समाधान स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की ओर से किया जा रहा है। पीजीआई का स्टाफ प्रशिक्षित व निपुण है। वे स्वयं व समाज के अन्य वर्गो के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील है।
सीईओ ब्रह्मप्रकाश नोडल अधिकारी नियुक्त: डीसी वर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से पीजीआईएमएस के फैकल्टी स्टाफ के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के फैकल्टी हाउस में क्वॉरेंटाइन सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें सभी मूलभूत सुविधाओं की निगरानी के लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रह्मप्रकाश अहलावत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैकल्टी हाउस में किसी भी संक्रमित व्यक्ति को नहीं रखा जाएगा।
मीटिंग में ये लिया गया फैसला
एमडीयू के फैकल्टी हाउस में बनाए क्वॉरेंटाइन सेंटर के नोडल अधिकारी ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि जिला प्रशासन की अोर से विश्वविद्यालय प्रशासन से संदर्भ में सहमति ली गई है। जिला प्रशासन की ओर से केवल कोरोना वायरस के संदिग्ध फैकल्टी सदस्यों को ही क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। इनके पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने की स्थिति में कोविड अस्पताल शिफ्ट कर दिया जाएगा। मीटिंग में एसडीएम राकेश कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रह्मप्रकाश अहलावत, पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालरा, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार गुलशन तनेजा, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र धनखड़ सहित विश्वविद्यालय की टीचिंग यूनियन के पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
विवि परिवार के लिए किया था विरोध
एमडीयू में पांच हजार परिवारों की सुरक्षा के लिए विरोध किया जा रहा था। फाइनल ईयर के बच्चों की भी परीक्षा लेनी है, तो ऐसे में उनके साथ ही नाइंसाफी की जा रही है। हॉस्टल के बच्चे भी दूर-दूर से आते हैं। विवि की ओर से पहले ही 11 मई को लिख कर दिया जा चुका है। हमें पहले बताया ही नहीं था और आश्वासन दे रहे थे।
– डॉ. विकास सिवाच, प्रधान, एमडीयू शिक्षक संघ।
सामाजिक स्थितियों काे देख दी सहमति
एमडीयू में क्वारेंटाइन को लेकर पहले पुरजोर विरोध किया था, लेकिन प्रशासन पहले ही सबकुछ तय कर चुका है तो फिर हमसे पूछने की कोई बात ही नहीं थी। अधिकारियों ने अपनी शक्तियों की बात कही है कि उनके पास हर तरह की शक्तियां है, जिनका प्रयोग कर पूरे विवि काे भी लिया जा सकता है। खैर, सामाजिक स्थितियों का हवाला देते हुए सहमति बनी है।
– कुलवंत मलिक, प्रधान, एमडीयू गैर शिक्षक संघ।