करनाल डिपो की बसों को चलने की नहीं बनी सहमति

  • करनाल से दो बसों काे अंबाला कैंट तक बुकिंग के आधार पर चलाने की दी है मंजूरी, सवारी नहीं होने के कारण बसें नहीं चलाई

करनाल. लॉकडाउन फोर में अब तक करनाल डिपो की बसों को चलाने पर सहमति नहीं बनी है। हाईवे पर अंबाला कैंट तक दो बसों को चलाने की मंजूरी मिली हुई है, वहां पर सवारियां नहीं हैं। लोकल मार्ग पर जहां सवारी हैं, वहां पर रोडवेज तैयार नहीं है। इसलिए रोडवेज का पहिया फिलहाल गति नहीं पकड़ पाया है। इससे आम पब्लिक को शहर तक आने में परेशानी हो रही है। पर्सनल व्हीकल का उपयोग करते हैं तो उन्हें खर्च ज्यादा उठाना पड़ता है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि असंध, कैथल एरिया में बसों को चलाने की सख्त जरूरत है।
करनाल डिपो को करनाल से अंबाला कैंट के लिए दो बसों को चलाने की मंजूरी मिली हुई है। बसें तभी चलाई जाएंगी जब ऑनलाइन टिकट बुकिंग होगी। बगैर सवारी के बस नहीं चलाई जाएगी। सवारियां नहीं होने के कारण तीसरे दिन सोमवार को भी करनाल डिपो की बसें अंबाला कैंट के लिए नहीं चली। पंचकूला डिपो की बसें दोपहर बाद 2.30 बजे करनाल के पुराने बसस्टैंड से चली है । हाईवे पर सवारियां नहीं मिल रही है और लोकल में बसें नहीं चलाई जा रही है। इस स्थिति को समझकर व्यवस्था सुधारने की जरूरत है। कैथल डिपो ने भी दिल्ली के लिए बस चला दी है, लेकिन इस बस का करनाल में स्टॉपेज नहीं है। लॉकडाउन में चलाई जा रही बसों का बीच रास्ते में कहीं पर भी स्टॉपेज नहीं है। सवारियों की ऑनलाइन टिकट बुकिंग में सवारी का नाम, मोबाइल नंबर, कहां से कहां तक जाना है, किराया कितना लगेगा सहित अन्य डिटेल रोडवेज के पास होती है। बसों में सफर करने से पहले उनकी थर्मल स्केनिंग होती है। करनाल डिपो में रोजाना अंबाला कैंट तक जाने के लिए ड्राइवर-कंडक्टर की ड्यूटी लगती है। स्टाफ के साथ रोडवेज अधिकारी भी पहुंचते हैं, लेकिन सवारियां नहीं होने पर बसों को कैंसिल करके रिपोर्ट मुख्यालय की जाती है।
बस नहीं जाएगी तो टिकट के पैसे वापस किए जाएंगे
करनाल से अंबाला कैंट के लिए दो बसों को चलाने की मंजूरी मिली हुई है। जो सवारी सफर करना चाहती है उन्हें ऑनलाइन टिकट बुक करनी होगी। बुकिंग के बाद भी बस नहीं जाती है तो सवारी को टिकट का पैसा वापस मिल जाएगा। सवारियां नहीं होने के कारण अंबाला कैंट के लिए सोमवार को बसें नहीं चलाई गई। -अजय गर्ग, जीएम, रोडवेज करनाल।