आर्थिक आत्म निर्भरता के लिए आर्थिक रोड मैप तैयार करने की जरूरत : प्रो. बेदी

रोहतक. नवोन्मेषी शोध वक्त की जरूरत है। प्रबंधन व वाणिज्य विषयों के शोधार्थियों को राष्ट्र की आर्थिक समस्याओं के उन्मूलन तथा आर्थिक आत्म निर्भरता के उद्देश्य से आर्थिक रोड मैप तैयार करने का प्रयास करना चाहिए। प्रबंधन विशेषज्ञ, आईएमटी, गाजियाबाद के पूर्व डीन, इमसार के पूर्व निदेशक प्रो. एसके बेदी ने साेमवार काे ये विचार एमडीयू के प्रबंध विज्ञान तथा वाणिज्य संकाय के शोधार्थियों के लिए आयोजित-शोध प्रविधि कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त किए। एमडीयू के चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनोमिक चेंज की ओर से सात दिवसीय शोध प्रविधि कार्यशाला साेमवार काे प्रारंभ हुई। निदेशक इमसार तथा प्रबंध विज्ञान संकाय के डीन प्रो. राजकुमार ने स्वागत भाषण दिया व इस कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। प्रो. राजकुमार ने शोध कार्य के सामाजिक सरोकार पक्ष को रेखांकित किया।
मुख्य वक्ता प्रो. एसके बेदी ने गुणवत्तापरक शोध कार्य करने, शोध समस्या चिह्नित करने, शोध के उद्देश्य तय करने तथा शोध संबंधित उप-कल्पना सृजित करने बारे विस्तृत व्याख्यान दिया। भारत के आर्थिक परिदृश्य में आर्थिक स्वावलंबन तथा स्वदेशी के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के महत्त्व पर प्रो. बेदी ने प्रकाश डाला। कार्यशाला के दूसरे तकनीकी सत्र में पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डाॅ. गुरचरण सिंह ने शोध कार्य में मौलिकता, शोध के एथिकल पहलुओं, प्लेजेरिज्म आदि विषय पर महत्त्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने शोधार्थियों से शोध में नैतिक मापदंड पूरा करने को कहा। कार्यशाला में आभार प्रदर्शन कार्यशाला समन्वयिका डाॅ. सीमा सिंह ने किया। सह-समन्वयन डाॅ. सीमा राठी ने किया। कार्यशाला का तकनीकी समन्वयन डा. जगदीप सिंगला ने किया। इस ऑनलाइन शोध प्रविधि कार्यशाला में लगभग 300 प्रतिभागी शामिल हुए।