हर बार बोला- नहीं निकला बाहर संपर्क में आए लोग जांच करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कर रहे फोन

  • स्वास्थ्य विभाग की 23 टीमों ने 1454 घरों के 7113 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर लिए 27 के सैंपल, रैपिड टेस्ट में एक की रिपोर्ट निगेटिव

भिवानी. पुलिस व स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ से बार बार पूछने के बाद भी विद्यानगर निवासी कोरोना पॉजिटिव अपनी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं बता रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो लोग शिक्षक के संपर्क में आए थे उनमें से कुछ लोग स्वास्थ्य विभाग के पास फोन कॉल कर रहे हैं, जबकि संक्रमित बार बार स्वास्थ्य कर्मियों के सामने झूठ पर झूठ बोले जा रहा है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की भी तैयार कर ली है। उधर, मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की 23 टीमों ने विद्यानगर के अलावा कंटेनमेंट जोन कीर्ति नगर, विकास नगर व नई बस्ती में डोर-टू-डोर लोगों की स्क्रीनिंग का अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान 14 दिनों तक लगातार चलेगा। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 1454 घरों के 7113 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की है।
विद्यानगर निवासी 42 वर्षीय शिक्षक, उसकी 15 वर्षीय बेटी व 11 वर्षीय बेटे के 10 मई को कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। आइसोलेशन वार्ड में भेजने से पहले टीम के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेश ने शिक्षक से उसकी ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में पूछा। इस पर उसने ने बताया था कि वह 19 अप्रैल को पत्नी को रिश्तेदार के घर दिल्ली छोड़कर आया था, लेकिन इसके बाद से वह घर से नहीं निकला। डॉ. राजेश ने जब उससे पूछा था कि क्या वह 20 दिन तक किसी काम के लिए घर से नहीं निकला तो उसने कहा हां, वह नहीं निकला। पहले दिन से ही स्वास्थ्य विभाग व पुलिस अधिकारी को उसकी बातों पर विश्वास नहीं था। वह अभी भी स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपनी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं बता रहा है। इससे कोविड-19 टीम के सामने उसके संपर्क में आए लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
संपर्क में आए 26 व्यक्तियों के सैंपल भेजे पीजीआई
कोराेना संक्रमित विद्यानगर निवासी शिक्षक के संपर्क में आने वाले 26 व्यक्तियों के मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से संबंधित सैंपल लेकर जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे हैं। सभी को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को कड़े प्रयासों के बात पता लगाया कि संक्रमित व्यक्ति अपने किस-किस रिश्तेदार व जान पहचान के व्यक्तियों से मिला था। इसके अलावा कोरोना पॉजिटिव जेबीटी सतीश कुमार के संपर्क में आए नई बड़दू के परिवार ने अपने सरपंच को फोन पर सूचना देकर अपना कोरोना टेस्ट कराने की मांग की है। गांव नई बड़दू वासी राजेश पुत्र भगवाना राम ने बताया कि सतीश 29 अप्रैल को सुबह 10 बजे घी लेने उनके घर आए थे और 2.30 बजे वहां रहे। उन्होंने वहां खाना भी खाया था। सरपंच महिपाल ने सूचना विभाग को देकर परिवार के 7 सदस्यों को जांच के लिए भिवानी भेजा। मंगलवार को उसके घर के सात सदस्य को जांच के लिए भिवानी भेजा गया है। राजेश की बेटी बिट्टू को हल्का जुकाम व थकान है।
कोविड-19 टीम ने बहल क्षेत्र में जाकर शिक्षक के रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के लिए सैंपल
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने संक्रमित व्यक्ति से लगभग 15 बार उसकी दिल्ली से आने के बाद की ट्रैवल हिस्ट्री जाने का प्रयास किया है, लेकिन वह घर पर दूध देने वाले विक्रेता के अलावा उसके संपर्क में आए लोगों के बारे में जुबान नहीं खोल रहा है। उधर, मंगलवार को उस समय हुई जब कुछ लोगों की फोन कॉल स्वास्थ्य विभाग के पास आई और बताया कि वह शिक्षक के संपर्क में आए थे। इस पर मंगलवार को कोविड-19 टीम बहल क्षेत्र में पहुंची और शिक्षक के रिश्तेदार व जान पहचान के व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर कोरोना से संबंधित सैंपल लिए हैं। टीम लगातार अपने स्तर पर ही शिक्षक के संपर्क में आए लोगों की पहचान का प्रयास कर रही है।
विद्यानगर में मुख्य मार्गों से वाहनों का रूट डायवर्ट
मंगलवार को पुलिस ने महम रोड स्थित बड़ चौक पर बेरिकेड्स व रस्सी लगा औद्योगिक क्षेत्र, कीर्ति नगर की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क से रास्ता बंद कर दिया है। बड़ चौक से विद्यानगर मुख्य मार्ग होते हुए महम जाने वाले रास्ते से भी पुलिस ने मंगलवार को वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र की तरफ जाने वाले वाहनों को महम चौक, रोहतक चौक, सब्जी मंडी की तरफ से होते हुए औद्योगिक क्षेत्र के लिए रूट डायवर्ट किया है। जबकि भिवानी से महम जाने वाले वाहनों को बड़ चौक से पंचायत घर रोड की तरफ डायवर्ट कर दिया। इससे वाहन चिड़ियाघर रोड होते हुए भगत सिंह चौक से महम रोड तक पहुंचे। कीर्ति नगर, विकास नगर व नई बस्ती क्षेत्र में भी प्रवेश के मार्गों पर पुलिस तैनात रही।
शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार संक्रमित अपनी ट्रैवल हिस्ट्री स्पष्ट रूप से नहीं बता रहा है। बार बार पूछने पर भी वह झूठ बोल रहा हैं। इससे परेशान होकर स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की भी तैयारी कर ली है। अगर शिक्षक बुधवार तक अपनी ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में स्पष्ट नहीं बताता है तो विभाग उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवा सकता है।