सीएम ने नीतीश को कहा- प्रदेश की उन्नती में उनका बहुत योगदान, हमने उन्हें अपनों की तरह रखा है

  • बिहार सरकार ने अपने लोगों की सुविधाओं पर खर्च का भेजा प्रस्ताव, हरियाणा का इनकार
  • लोग वापस आना चाहें तो उनका स्वागत है : सीएम

पानीपत. हरियाणा में रह रहे बिहार के श्रमिकों को दी जा रही सुविधाओं के बदले बिहार सरकार ने हरियाणा सरकार को पैसा देने का प्रस्ताव दिया है। लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इनकार कर दिया है। बिहार के अधिकारियों ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजा था, जिसमें लॉकडाउन के चलते हरियाणा में फंसे बिहार के नागरिकों के बारे में चिंता व्यक्त करने के साथ ही हरियाणा सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं के एवज में धनराशि देने की बात कही। परंतु सीएम मनोहर लाल ने यह पैसा लेने से इनकार कर दिया है।
उन्होंने रविवार को बाकायदा बिहार के सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव के लिए धन्यवाद किया है, लेकिन पैसे लेने से मना कर दिया। सीएम ने लिखा है कि हरियाणा में रह रहे प्रत्येक भारतीय नागरिक उतने ही हमारे भी हैं, जितने उन राज्यों के जहां से वे आते हैं। हरियाणा की आर्थिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र की उन्नती में उनका बहुत योगदान है। हरियाणा में काम करने वाला व्यक्ति कहीं का भी हो, वह हमारे लिए हरियाणवीं से कम नहीं है। हमने उनकाे अपनों की तरह रखा है। वे हमारी जिम्मेदारी है। उन्हें हर संभव मदद की जा रही है और आगे भी की जाएगी। बता दें कि राज्य सरकार ने 37 हजार से ज्यादा श्रमिकों को अब तक बिहार भेजा है। सरकार बिहार और मध्यप्रदेश के श्रमिकों को ट्रेन तो यूपी के श्रमिकों को बसों के जरिए उनके राज्यों तक भेज रही है। हरियाणा में करीब आठ लाख लोगों ने अपने राज्यों में जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें करीब 1.60 लाख लोगों को भेजा चुका है। सीएम ने कहा कि 15 अप्रैल से प्रौद्योगिकी संचालित शिक्षा की दिशा में अनेक कदम उठा चुका है। उन्होंने कहा कि वे यहां काम करने वाले सभी राज्यों के लोगों की सहायता करेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने पत्र में यहां उद्योग शुरू होने के बारे में भी लिखा है। पत्र में बिहार सीएम से कहा गया है कि हरियाणा में हर रोज उद्योग वापस खुल रहें हैं और अर्थव्यवस्था वापस सामन्य स्तर पर आ रही है। जब भी लोग अपने परिवार वालों से मिल लें और वापस आना चाहें तो उनका स्वागत है।