श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ मजदूर संघ आज सौंपेगा उपायुक्त को ज्ञापन

रेवाड़ी. वैश्विक महामारी कोरोना के बीच कई राज्य सरकारों द्वारा श्रम कानूनों में किए बदलाव के खिलाफ श्रमिक संगठनों की नाराजगी बढ़ गई है। भारतीय मजदूर संघ की तरफ से इसके खिलाफ 18 मई को उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगे।
संघ के जिला अध्यक्ष सावंत सिंह की अध्यक्षता में हुई वीसी मीटिंग में आगामी कार्ययोजना को लेकर भी चर्चा की गई। संघ के पूर्व प्रवक्ता देवेंद्र तिवाड़ी व कोषाध्यक्ष यशपाल यादव ने बताया कि मीटिंग में इस बात को लेकर चिंता जताई कि यूपी एवं एमपी सरकारों की तरफ से श्रम कानूनों को कुछ सालों के लिए निलंबित कर दिया है जो कि पूरी आज के इस अस्थिरता के माहौल पूरी तरह से श्रमिकों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपए के बजट के साथ श्रमिकों के उत्थान के लिए कई योजनाएं प्रारंभ की है जो कि काबिले तारीफ है लेकिन राज्य सरकार की तरफ से उठाया गया कदम बिल्कुल गलत है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारों को इनमें कुछ बदलाव भी किया जाना था तो कम से कम श्रमिक संगठनों से बातचीत करके कोई कदम उठाया जाता। सीधे तौर पर कुछ ही सलाहों के आधार पर अध्यादेश लाकर तीन से चार साल के लिए श्रम कानूनों को निलंबित करना सरासर अन्याय है। एक तरफ औद्योगिक इकाइयों में वैसे ही शोषण किया जाता है और ऐसे काम की अवधि बढ़ाकर 12 घंटे तक करना मानव अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ 18 मई को सुबह 11 बजे उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।