यूपी के श्रमिकों की घर वापसी जारी 450 श्रमिकों को भेजा गया बुलंदशहर

  • शहर के शेल्टर होम से सुबह 8 बजे किया गया रवाना, भेजने का सिलसिला अभी जारी

रेवाड़ी. जिला में लॉकडाउन की वजह से फंसे यूपी-बिहार और मध्यप्रदेश के श्रमिकों की घर वापसी में लगातार तेजी लाई जा रही है। रविवार को जिला प्रशासन ने यूपी के बुलंदशहर के लिए रोडवेज बसों को भेजकर वहां के 450 श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाया है। जिला में बिहार के श्रमिक अभी काफी संख्या में बचे हैं जिनके लिए भी रेल मंत्रालय से अभी और अतिरिक्त ट्रेनों का शेड्यूल आना बाकी है। बिहार के श्रमिकों को ट्रेनों से जरिए भेजा जाएगा।
ट्रेनों की देरी बढ़ा रही चिंता
दरसल केंद्र सरकार द्वारा पंजीकरण व्यवस्था के बाद जो आंकड़ा प्रशासन के पास पहुंचा है वह अभी भी चिंता बढ़ाने वाला है। जिला से यूपी-बिहार व मध्यप्रदेश के लिए जाने वाले श्रमिकों की संख्या 54 हजार से भी अधिक है और इनका पंजीकरण अभी भी चल रहा है। अब चौथे लॉकडाउन में भी कोई खास ढील नहीं होने से जिला में ठहरे हुए श्रमिकों के लिए अपने घर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जिसकी वजह से पंजीकरण कराने वाले श्रमिकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। फिलहाल जहां तक इन्हें घर भेजने की बात करें तो अभी तक लगभग 20 हजार से अधिक श्रमिकों को भेजा गया है। इसके लिए शहर के स्टेशन से अभी तक 10 ट्रेनों को मध्यप्रदेश व बिहार के विभिन्न शहरों के लिए रवाना किया जा चुका है। फिलहाल रेलवे की तरफ से भेजी गई ट्रेनों के मुकाबले श्रमिकों की संख्या काफी अधिक है और फिलहाल तीन दिन से रेलवे की तरफ से अभी श्रमिक स्पेशल शेड्यूल नहीं की है। सोमवार को नया शेड्यूल आने की संभावना है जिसके बाद यह तय हो पाएगा कि अभी कितनी ट्रेनें और चलाई जानी है। हालांकि प्रशासन की तरफ से इन श्रमिकों को शेल्टर होम के साथ गांवों में रोका हुआ है।
व्यवस्था…पैदल नहीं चले श्रमिक, बस-रेल से भेजेंगे
उपायुक्त ने बताया कि सरकार व जिला प्रशासन सभी प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित तरीके से उनके गृह राज्यों तक भेजेगा इसलिए श्रमिक पैदल नहीं जाएं। लॉकडाउन में किसी भी प्रवासी श्रमिक को घबराने की जरूरत नहीं है, जो भी प्रवासी श्रमिक अपने गृह राज्य जाने का इच्छुक है वह पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराए और जहां है वही रहें। सरकार द्वारा उनके जाने के पूरे बंदोबस्त किए जाएंगे।