फरीदाबाद में कोरोना से छठी मौत, 1 दिन में 19 नए केस आए

  • गुड़गांव में संक्रमितों की संख्या 200 पार
  • अब तक राज्य में कुल 14 की जान गई, 900 से अधिक हुए संक्रमित

पानीपत. राज्य में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 900 पार कर गया है। रविवार को एक ही दिन में मिले 19 नए केसों के साथ मरीजों की कुल संख्या 915 हो गई है। जबकि फरीदाबाद में छठी मौत हुई है। मरने वालों की संख्या 14 पर पहुंच गई है। हालांकि राज्य में पिछले एक सप्ताह से ठीक होने वालों के आंकड़ों में भी इजाफा ठीक हो रहा है। प्रदेश में 30 मरीज ठीक हुए हैं। ऐसे में अब तक कुल 562 मरीजों को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया जा चुका है। अभी भी प्रदेश में 339 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। राज्य में पिछले 24 घंटे में गुड़गांव में 11, फरीदाबाद में तीन, पानीपत में दो, करनाल, रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ में एक-एक केस पॉजिटिव मिला है। गुड़गांव में कोरोना संक्रमितों की संख्या 200 पार गई है। यहां अभी भी प्रदेश में सबसे ज्यादा 100 एक्टिव मरीज हैं। ठीक होने वालों में गुड़गांव से 14, झज्जर से सात, जींद से पांच, पंचकूला से तीन और पलवल से एक मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज हुआ है। राज्य में मरीजों की रिकवरी रेट 61.75% पर पहुंच गई है।

300 लोगों को पंजाब के शंभू बॉर्डर पर छोड़ा गया
हरियाणा ने भी करीब 300 लोगों को बसों से वापस पंजाब के शंभू बॉर्डर पर छोड़ा है। पंजाब से गुपचुप तरीके से ये लोग अम्बाला पहुंचे थे। गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि पंजाब से आए जिन लोगों को वापस किया गया, उन्हें पंजाब ने इन्हें ले लिया है। पंजाब से लोगों के आने को लेकर वहां के डीजीपी से हरियाणा के डीजीपी ने भी बात कर रहे हैं।

उधर, यूपी ने वापस भेजी श्रमिकों से भरी हरियाणा रोडवेज की 15 बसें

यमुनानगर से बसों से सहारनपुर रवाना किए गए श्रमिकों को लेने से यूपी ने इनकार कर दिया। इसलिए रोडवेज की 15 बसों के श्रमिकों को वापस लाया गया है। श्रमिकों से कहा गया कि फिलहाल 325 बसों में आने वाले लोगों को ही लिया जाएगा। इस पर गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि सहारनपुर में किसी मामले को लेकर लाठीचार्ज हुआ था। इसलिए वहां प्रशासन ने इन श्रमिकों को नहीं लिया। साथ ही करीब 20 बसें अन्य जिलों से आई थीं। उन्हें भी यमुनानगर में ही रोका गया है। इन प्रवासियों को रिलीफ कैंपों में भेजा गया है। सोमवार को दोबारा से उन्हें यूपी भेजने की प्लानिंग होगी। यूपी के कैंपों भीड़ ज्यादा होने और व्यवस्था बिगड़ने के चलते प्रवासियों को उन्होंने रखने से मना किया है।