पीजीआई सीएमओ व बेटे समेत 50 की रिपोर्ट आई निगेटिव, माड़ौधी जाटान की सफाई कर्मचारी 7 दिन में ही ठीक होकर लौटी घर

  • पीजीआई में दबे पांव आ रहा कोरोना
  • गायनी वार्ड में 2 दिन से भर्ती गुरुग्राम की गर्भवती महिला में मिला कोरोना वायरस, 19 डॉक्टरों व नर्सों को क्वॉरेंटाइन किया

रोहतक. लॉकडाउन 3.0 में पीजीआई से जुड़े 5 केस सामने आ चुके हैं। प्रदेश भर से यहां पर कोरोना मरीजों व संदिग्धों के आने की वजह से संक्रमण का खतरा पहले से ज्यादा बढ़ गया है। ऐसा ही एक मामला रविवार को गायनी विभाग में आया। यहां 2 दिन से भर्ती गुरुग्राम की गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव निकली। स्टाफ को पहले नहीं पता था कि वह कोरोना पॉजिटिव है और उसका सामान्य तरीके से इलाज किया जा रहा था। कोरोना पाॅजीटिव गर्भवती के वार्ड में भर्ती होने का पता चलते ही महिला चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और वार्ड में भर्ती मरीजों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कोरोना संक्रमित महिला को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। रैपिड रिस्पांस टीम को बुलवाकर वार्ड, लेबर रूम और अन्य चिह्नित स्थानों पर सेनिटाइज कराया गया। तीन दिन से ड्यूटी पर मौजूद गायनी विभाग के नौ चिकित्सक, एनेस्थीसिया विभाग के तीन, मेडिसिन विभाग के तीन रेजीडेंट्स डॉक्टर्स और चार स्टाफ नर्स को क्वाॅरेंटाइन में भेजा गया है। रविवार को गायनी में आने वाली गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भेजा गया। इस तरह पीजीआई में दबे पांव कोरोना एंट्री कर रहा है। रविवार को पीजीआई के लिए राहत भरी बात यह रही कि एक सप्ताह पहले संक्रमित हुई यहां की सफाई कर्मचारी एक सप्ताह में ही ठीक होकर अपने घर लौट गई। वहीं, पीजीआई में पॉजीटिव मिली यहीं के सीएमओ की पत्नी, दो स्वीपर और एक एंबुलेंस चालक के कान्टेक्ट ट्रेसिंग में चिह्नित कर सैंपल लिए गए 50 से अधिक लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसमें पीजीआई सीएमओ और उनका बेटा भी शामिल है।

15 मई को गुरुग्राम से रेफर होकर आई थी महिलातब नहीं करवाया गया कोरोना टेस्ट:

गायनी विभाग की सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर ने बताया कि गुरुग्राम निवासी महिला 28 सप्ताह की गर्भवती है। उसके शरीर में खून की कमी होने की वजह से उसे गुरुग्राम से 15 मई को पीजीआई के लिए रेफर कर दिया है। वार्ड में भर्ती करने से पहले गर्भवती की कोरोना स्क्रीनिंग कराई गई। इस दौरान उसमें कोई लक्षण नहीं मिले, लिहाजा उसका कोरोना टेस्ट नहीं कराया गया। लेकिन 24 घंटे बाद महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई। संदेह के आधार पर महिला के स्वैब सैंपल लेकर लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया। बताया गया है कि रविवार सुबह महिला की रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर गायनी विभाग के स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। एचओडी डॉ. स्मिति नंदा की अगुवाई में सीनियर महिला डॉक्टर मीटिंग कर क्वाॅरेंटाइन करने वाले स्टाफ और ड्यूटी लगाने वाले स्टाफ की लिस्ट तैयार करने में व्यस्त रहीं। इससे पहले सर्जरी विभाग के डॉक्टर फैसला ले चुके हैं कि सर्जरी से पहले हर मरीज का कोरोना टेस्ट करवाएंगे। यदि इमरजेंसी है तो भी स्वैब सैंपल के बाद पीपीई किट पहनकर ही सर्जरी करेंगे।

दूसरी सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आने पर सफाई कर्मचारी को वापस भेजा

पीजीआई के सी ब्लॉक में तैनात माड़ौधी जाटान की महिला सफाई कर्मचारी 10 मई को कोरोना पॉजिटिव मिली थी। उसकी दूसरी सैंपल रिपोर्ट 7 दिन बाद रविवार सुबह निगेटिव आने पर चिकित्सकों ने उसे डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। चिकित्सक ने बताया कि महिला सफाई कर्मी में कोरोना संक्रमण का पता चलने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड नंबर 24 में भर्ती किया गया था। सात दिन तक उसकी हेल्थ मॉनीटरिंग किए जाने के बाद शुक्रवार को फिर उसका सैंपल टेस्ट कराया गया। रविवार सुबह लैब से उसकी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण निगेटिव आया। इसके बाद उसे वार्ड से छुट्‌टी देकर घर भेज दिया गया है। चिकित्सक के अनुसार महिला की हालत में सुधार है। उसे सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

कंटेनमेंट जोन घोषित एरिया में स्क्रीनिंग करने गई टीम, 40 सैंपल लिए

कोविड 19 के जिला नोडल अधिकारी व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सत्यवान ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट जोन घोषित रुड़की व आसपास के गांव, पाड़ा मोहल्ला और पुराना बस स्टैंड की तरफ रैपिड रिस्पांस टीम ने पहुंचकर दिन भर लोगों की स्क्रीनिंग का काम किया। टीम ने 40 संदिग्ध लोगों के सैंपल एकत्रित कर लैब में भेजे हैं। कई लोगों को सिविल अस्पताल में सैंपल देने के लिए एंबुलेंस के जरिए भेजा गया है। रविवार को 50 के करीब लोगों की सैंपल टेस्ट रिपोर्ट मिली है जिसमें सभी निगेटिव पाए गए हैं। सब्जी मंडी से लिए 126 लोगों की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव मिली है।

विश्राम सदन के बाहर हंगामा सफाई कर्मियों ने सुविधाएं न मिलने का आरोप लगाया

क्वाॅरेंटाइन में रह रहे पीजीआई के सफाई कर्मियों ने रविवार दोपहर प्रशासन की ओर से विश्राम सदन में सुविधाएं न मिलने पर रोष जताया। शनिवार को दो सफाई कर्मियों के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद विश्राम सदन में क्वाॅरेंटाइन में रहने वाले सफाई कर्मियों का स्टाफ सहमा हुआ है। पीजीआई प्रशासन की ओर से विश्राम सदन में सुविधाएं न दिए जाने का आराेप लगाते हुए सफाई कर्मचारी बाहर आ गए। 12 हजार रुपए की तनख्वाह में नौकरी करने वाले सफाई कर्मचारी हर वक्त कोरोना संक्रमण का खतरा झेल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सुविधाएं दिए जाने की मांग की है। हेल्थ यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

अभी पुराने नियम ही चलेंगे,

आज बैठक में होगा मंथन

लाॅकडाउन 4.0 लागू किए जाने के बाद की स्थितियाें काे लेकर साेमवार काे जिला प्रशासन की अाेर से समीक्षा की जाएगी। इसके बाद व्यावसायिक गतिविधियों और आमजन के लिए किए जाने वाले प्रावधानों में फेरबदल की संभावना है। अभी बाजार एक तिहाई क्षमता के साथ ही खुल रहे हैं। उम्मीद है अवधि व टाइमिंग बढ़ाई जाएगी।

अभी पुराने नियम ही चलेंगे, आज बैठक में होगा मंथन: लाॅकडाउन 4.0 लागू किए जाने के बाद की स्थितियाें काे लेकर साेमवार काे जिला प्रशासन की अाेर से समीक्षा की जाएगी। इसके बाद व्यावसायिक गतिविधियों और आमजन के लिए किए जाने वाले प्रावधानों में फेरबदल की संभावना है। अभी बाजार एक तिहाई क्षमता के साथ ही खुल रहे हैं। उम्मीद है अवधि व टाइमिंग बढ़ाई जाएगी।

खांसी-जुकाम होने पर महिला के परिजनों ने बुला ली कोरोना टीम, जांच में ठीक निकली
रविवार दोपहर गोहाना रोड स्थित कृष्णा काॅलोनी निवासी महिला के खांसी व जुकाम से पीड़ित होने पर परिजनों ने हेल्थ विभाग को कॉल करके घर में ही कोरोना मरीज होने की आशंका पर सूचना दी। आनन-फानन में विभाग की हेल्थ टीम एंबुलेंस लेकर दी हुई लोकेशन पर पहुंची। पुलिस कर्मियों और टीम के सदस्यों को देखते ही महिला बिफर पड़ी। उसने टीम के सदस्यों को महज खांसी और जुकाम की समस्या होने की बात बताई। महिला ने कहा कि वो बिल्कुल ठीक है, उसे कहीं नहीं जाना। परिजनाें ने बताया कि महिला काे खांसी जुकाम हुआ है और वो कोई दवाई नहीं ले रही। सभी को आंशका थी कि कहीं इसे कोरोना तो नहीं हो गया, इसलिए एंबुलेंस बुलवाई है। टीम के साथ आए डाॅक्टराें ने महिला की जांच की ताे महिला में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले, इसके बाद टीम महिला को घर के अंदर ही रहने की हिदायत देकर चली गई।

पीजीआई के 11जे हाॅस्टल से 10 डॉक्टर्स सहित
53 लोगों के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे

कंटेनमेंट जाेन बनाए गए पीजीआई के 11जे डॉक्टर्स हाॅस्टल में रैपिड रिस्पांस टीम से डॉ. शीबा सेठी व डॉ. तरुण ने सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक 10 डॉक्टर्स सहित कैंपस में रहने वाले 53 लोगों के सैंपल लैब में भेजे हैं। सीएमओ और उसके बेटे की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद से कैंपस में थोड़ी राहत मिली है। वहीं सीएमओ की पत्नी की हालत स्थिर है।
– डॉ. वरुण अरोड़ा, प्रभारी, कोविड 19 कंट्रोल रूम, पीजीआई।