दूसरा वाटर टैंक बनाने की तैयारी, एसटीपी का काम भी होगा पूरा

  • सीवरेज समस्या का स्थाई समाधान होने का आश्वासन
  • पेयजल समस्या दूर करने को बनेगा दूसरा वाटर टैंक

महेंद्रगढ़. हुडा सेक्टर में आबादी बढ़ी, किंतु उसके हिसाब से सुविधाएं नहीं बढ़ पाईं। पेजयल संकट यहां अब भी बरकरार है। इसके अलावा सीवरेज लाइन डालने के बावजूद उसका एसटीपी से कनेक्शन नहीं हो पाया है। इसका कारण उस लाइन के बीच किसी की करीब 60 फिट जमीन का टुकड़ा आ जाना है। ऐसे में काम अधूरा पड़ा है। अब इन पेंडिंग कामाें के जल्द पूरा हाेने के अासार हैं। इस संबंध में दो दिन पहले नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभयसिंह यादव ने हुडा के मुख्य प्रशासक पंकज यादव से दूरभाष पर बातचीत में नारनौल के हुडा सेक्टर एक की सीवर एवं पानी संबंधी समस्याएं विस्तार से रखी। विधायक ने बताया कि इस बातचीत में उन्होंने मुख्य रूप से सीवर व पेयजल समस्या को बताया कि नारनौल सेक्टर में सीवर के निकास की उचित व्यवस्था न होने के कारण सेक्टर की गलियों में सीवर का गंदा पानी भरा रहता है। अत: उसका शीघ्र समाधान अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सेक्टर में दो तरह की समस्याएं हैं। पहली एसटीपी का काम पूरा नहीं होने की वजह से पानी का डिस्पोजल नहीं है। इसके साथ ही एसटीपी को मिलाने वाली सीवरलाइन भी बीच में रुकी हुई है। इसका मुख्य कारण बीच में भूमि के एक छोटे से टुकड़े का अधिग्रहण न होना है। कुछ दूरी में भूमि अधिग्रहण से रह गई अत: उस टुकड़े को भू-मालिक से खरीद करके सीवर की लाइन का काम पूरा करवाना अति आवश्यक है। इसके साथ ही एसटीपी के बचे हुए काम को तुरंत पूरा करवाया जाए, ताकि पानी की निकासी उचित रूप से हो सके। इस पर मुख्य प्रशासक ने आश्वस्त किया कि हुडा गुड़गांव को इस विषय में वह शीघ्र ही आवश्यक निर्देश जारी करेंगे तथा कोशिश करेंगे कि अगले कुछ महीनों में यह काम पूरा हो जाए।
प्रक्रिया जल्द शुरू होगी : एक्सईएन
विधायक ने पीने के पानी की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि नारनौल सेक्टर में केवल एक वाटर टैंक है। जब से यह सेक्टर बसा है, तब से इसकी सफाई नहीं हुई है। इसका कारण यह है कि दूसरे टैंक के न होने की वजह से इस टैंक को सफाई के लिए खाली नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले हुडा गुड़गांव में एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा दूसरे टैंक का एस्टीमेट बनवाया गया था, परंतु उसके बाद यह काम आगे नहीं बढ़ पाया। मुख्य प्रशासन ने उनकी इस बात से सहमत होते हुए आश्वस्त किया कि दूसरे टैंक की मंजूरी भी शीघ्र दे दी जाएगी, ताकि दो टैंक बनने के पश्चात बारी-बारी उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही सफाई की भी उचित व्यवस्था की जा सकती है। शनिवार को इस विषय में एक्सईएन हुडा रेवाड़ी ने डॉ. यादव को दूरभाष पर बताया कि इन दोनों कामों पर ही आगे कार्यवाही करने के लिए मुख्य प्रशासक के आवश्यक निर्देश प्राप्त हो चुके हैं तथा इस विषय पर अब आगे की प्रक्रिया शीघ्र अमल में लाई जाएगी।