जिले में अब तक 1939 मीट्रिक टन चने व 108828 मीट्रिक टन सरसों की खरीद

महेंद्रगढ़. जिले में शनिवार को 5248 मीट्रिक टन सरसों, 679 मीट्रिक टन गेहूं व 137 मीट्रिक टन चने की खरीद हुई। अब तक एमएसपी पर 108828 मीट्रिक टन सरसों, 16170 मीट्रिक टन गेहूं व 1939 मीट्रिक टन चने की आवक हुई है।
उक्त जानकारी देते हुए उपायुक्त जगदीश शर्मा ने बताया कि शनिवार को अटेली, बाछौद व बोचड़िया खरीद केंद्र पर कुल 1194 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हुई। कनीना, सेहलंग, कारिया व दौंगड़ा अहीर में कुल 490 मीट्रिक टन सरसों खरीदी गई। वहीं नांगल चौधरी में कुल 968 मीट्रिक टन व नारनौल में 723 मीट्रिक टन सरसों की आवक हुई। सतनाली में 60 व महेंद्रगढ़ में 1813 मीट्रिक टन सरसों की आवक हुई। इसके अलावा अटेली में 56, सतनाली में 372 व कनीना में 251 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी व नारनौल में शनिवार को गेहूं की कोई आवक नहीं हुई। इसी प्रकार शनिवार को सतनाली में 26 मीट्रिक टन, नारनौल में 71 व नांगल चौधरी में 40 मीट्रिक टन चने की आवक हुई।

धौलेड़ा व निजामपुर में आज नहीं होगी खरीद : निजामपुर में लिफ्टिंग के दौरान कांटों पर ट्रकों का कम वजन दिखाए जाने को लेकर 4 दिन से चले आ रहे विवाद के बीच एक और सूचना आई है कि सोमवार को निजामपुर व धौलेड़ा केंद्र पर खरीद नहीं होगी। मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी ने बताया कि दोनों केंद्रों पर सोमवार को खरीद नहीं की जाएगी। कमेटी के सचिव अशोक यादव का कहना है कि कम वजन के विवाद से कमेटी का कोई लेना-देना नहीं है। बारदाने की कमी के चलते सोमवार को खरीद रोकी गई है। बारदाना आते ही खरीद शुरू करा दी जाएगी। नारनौल व नांगल चौधरी में खरीद सुचारू रहेगी।

अनाज मंडी में फसल खरीद का कार्य जोरों से चल रहा है परंतु साफ-सफाई पर विभाग कम ही ध्यान दे पा रहा है। मंडी में लगातार किसानों की संख्या बढ़ रही है बावजूद इसके मंडी में बना शौचालय प्रॉपर सफाई के अभाव में सड़ रहा है मंडी में कार्यरत सैकड़ों की संख्या में लेबर का कार्य कर रहे लोग इसी शौचालय का प्रयोग करने पर मजबूर है। पहले ही कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है ऊपर से सफाई नहीं होने से अन्य बीमारियां भी पांव पसार सकती है। नगर की अनाज मंडी में इन दिनों सरसों व गेंहू की खरीद चल रही है। मंडी में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। किसानों के अनुसार नालियों में जमा गंदगी से उठनी दुर्गंध के कारण वे दिनभर परेशान रहते हैं। मंडी में फसल बेचने के दौरान उन्हें अपना काफी समय यहां बीताना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मंडी के अंदर स्थित शौचालय का भी बुरा हाल है। शौचालय की साफ-सफाई नहीं होने के कारण इनके अंदर जाना तो दूर इसके आसपास खड़ा रहना भी दूभर है। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी मंडी में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें ताकि किसानों, लेबर व व्यापारियों को कोई परेशानी न आए।