जिले की सड़कें गड्ढों में तब्दील, 500 से अधिक शिकायत के बाद भी नहीं कर रहे समाधान

  • 100 शिकायतें केवल झज्जर से बादली के मार्ग की, जहां रेती-रोड़ी के वाहनों का बना रहता दबाव

बहादुरगढ़. जिले की सड़कें मरम्मत नहीं होने के कारण गड्ढों में तब्दील हो चुकी। मरम्मत करने वाली कंपनी को 500 से अधिक शिकायतें भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग एजेंसी पर मेहरबान बना है। सबसे अधिक 100 शिकायतें केवल झज्जर से बादली के मार्ग की आईं है। जहां पर रीती रोड़ी के वाहनों का दबाव बना रहता है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन आने वाली सड़कों की मरम्मत का काम एक नोडल एजेंसी को दिया है। नियम शर्तों के मुताबिक 5 फीट से कम के सभी गड्ढों को जेट मशीन की मदद से भरना है। इसके लिए कंपनी को प्रति किलोमीटर के हिसाब से प्रति वर्ष 64000 रुपए की अदायगी विभाग की ओर से होगी, लेकिन अब सड़कों में गड्ढों की समस्या काफी बढ़ चुकी है। काम करने वाले एजेंसी कहीं नजर नहीं आ रही है। लाॅकडाउन के दौरान सरकार की ओर से जरूरी कामों को करने की छूट नियमों के जरिए दी है। पीडब्ल्यूडी विभाग के जरिए काम करने की छूट देने के बावजूद जिले भर की अलग-अलग सड़कों की व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी कि हादसों का खतरा बना है। अब हालत यह है कि जिले की करीब 500 किलोमीटर लंबी सड़कों के इस जाल के बारे में 500 से अधिक शिकायतें हर पथ पोर्टल पर दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद समाधान पर कोई काम नहीं हो पा रहा है।
शिकायतों पर नहीं हो रही कार्रवाई
विभागीय जानकारों का कहना है कि पहले जो भी कार्य होता था वह विभागीय स्तर पर करा लिया जाता था। पिछले करीब एक साल से झज्जर, फरीदाबाद, गुरुग्राम व रेवाड़ी जिलों को एक जोन बनाकर इसके काम का ठेका एक एजेंसी को दिया था। एजेंसी की ओर से आरंभ में शहर के अंदर बने गड्ढों को तो भरा गया, लेकिन कुछ समय के बाद सड़कें फिर से टूट गई। अब इसी दिशा में 500 से अधिक शिकायतें अलग-अलग सड़कों की भेजी जा चुकी है। जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही।

लाॅकडाउन में ही मरम्मत का काम पूरा होना चाहिए

आम लोगों का कहना है कि जब लाॅकडाउन खुलेगा तब लोगों को अपने आवश्यक काम के लिए इधर-उधर जाना होगा। यदि सड़क में कहीं गड्ढे हैं तब लाॅकडाउन के दौरान इन्हें सुविधा से भरा जा सकता है, जबकि आवागमन शुरू होने के बाद गड्ढे भरने में ना केवल परेशानी होती है, बल्कि हादसों का भी खतरा बढ़ जाता है। रिपेयरिंग के तुरंत बाद पैच वर्क के ऊपर से वाहन गुजरने से इनकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। मौजूदा समय में जब शहर व जिलों की सड़कों पर वाहनों का दबाव नहीं है। तब इस काम को प्रदेश सरकार को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर आना चाहिए। विभागों को चाहिए कि भवन निर्माण की बजाए यदि सड़कों की व्यवस्था पहले दुरुस्त कर दी जाए। तब यह काफी बेहतर होगा।
रिपेयरिंग का वर्क शुरू नहीं होने पर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा
^रिपेयरिंग एजेंसी के खिलाफ काफी संख्या में शिकायत प्राप्त हो चुकी है, लेकिन काम ना करने पर एजेंसी को ना केवल नोटिस दिए गए हैं। बल्कि उसपर शिकायतें दूर नहीं करने पर जुर्माना भी लगाया गया है। अब यदि रिपेयरिंग का वर्क शुरू नहीं होता है। तब इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
-नरेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी विभाग झज्जर।