कुरुक्षेत्र की सीमाओं में प्रवेश करने वाले प्रवासियों को भेजा जाएगा शैल्टर होम

  • जीटी रोड के साथ-साथ पंजाब की सीमाओं पर कड़ी की नाकाबंदी, नाकों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें करेंगी प्रवासियों का चेकअप, शाहाबाद में 154 मजदूरों को भेजा शैल्टर होम

कुरुक्षेत्र. तीसरे चरण का लॉकडाउन खत्म होने से पहले ही केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के चौथे चरण की घोषणा कर दी। करीब दो माह से लॉकडाउन के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त है। लॉकडाउन जिंदगी बचाने की ही कवायद है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से हजारों प्रवासी लोग फंसे हैं। ज्यादा संख्या मजदूरों व कामगारों की है। लॉकडाउन में अब उद्योग धंधे खुलने की छूट मिल रही है।

बावजूद इसके इनमें काम करने वाले दूसरे प्रदेशों के मजदूर व कर्मचारी वापस अपने गृह राज्यों में जाना चाहते हैं। सरकार भी व्यवस्था बना रही है, लेकिन लंबी प्रक्रिया व औपचारिकताओं और सोशल डिस्टेंस के नियमों के चलते प्रवासियों को उनके गृह राज्य भेजने की रफ्तार सुस्त है। जिन लोगों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं, प्रशासन की तरफ से सिर्फ उन्हें ही वापस भेजने के बंदोबस्त किए जा रहे हैं। जबकि ऐसा भी एक बड़ा वर्ग है, जो विभिन्न कारणों से रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाया।
वहीं कई रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद भेजे नहीं जा सके। ऐसे लोग अब पैदल ही घरों को लौट रहे हैं। तपती सड़कों पर भूख प्यासे ऐसे सैकड़ों लोग सड़कों पर दिखते हैं। इनकी रास्ते में नजर पड़ने पर ही कोई सामाजिक संस्था या समाजसेवी भोजन आदि का प्रबंध कराते हैं। इसे लेकर भास्कर ने प्रमुखता से मुद्दा उठाया। अब कुरुक्षेत्र जिले से होकर पैदल जाते मिले लोगों को शैल्टर होम भेजा जाएगा।
बाद में इन्हें सरकार के निर्देशों के बाद भेजने की व्यवस्था की जाएगी। रविवार को इसे लेकर डीसी धीरेन्द्र खड़गटा ने आदेश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ लगती कुरुक्षेत्र की सभी सीमा पर पुलिस निगाहें रखेंगे। इन सीमाओं से कुरुक्षेत्र में आने वाले सभी प्रवासी मजदूरों को होम शैल्टर में भेजा जाएगा। इस जिले से किसी भी प्रवासी मजदूर को बिना अनुमति के जाने की इजाजत नहीं होगी। इतना ही नहीं सभी नाकों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य की चैकिंग भी करेंगी।
ज्यादातर पंजाब से लौट रहे प्रवासी

जिले में हजारों प्रवासी लौटना चाहते हैं, लेकिन ये लोग अभी वहीं ठहरे हैं, जहां-जहां ये काम कर रहे थे। कुरुक्षेत्र से होकर पैदल ही सड़कों पर से गुजर रहे अधिकांश प्रवासी पंजाब से आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर बिहार व मध्यप्रदेश के प्रवासी हैं।
बार्डर पर रोकेगी पुलिस, फिर शैल्टर होम : अब कुरुक्षेत्र से होकर प्रवासियों को नहीं जाने दिया जाएगा। डीसी ने ऐसे लोगों को शैल्टर करने के लिए रविवार को सभी एसडीएम को निर्देश जारी किए। पंजाब से सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर बिना किसी अनुमति पत्र के अपने-अपने राज्यों में पैदल या अन्य वाहनों में जा रहे हैं। इसलिए इन प्रवासियों के हित के लिए सभी को कुरुक्षेत्र की सीमाओं पर ही रोका जाएगा।
ग्रामीण रास्तों पर भी रहेगी नजर

जहां जीटी रोड व स्टेट हाइवे पर नजर रखी जाएगी। वहीं ग्रामीण रास्तों पर भी निगाह रहेगी। ताकि चोरी छिपे ऐसे रास्तों से भी प्रवासी न निकल सकें। डीसी ने एसडीएम शाहाबाद को निर्देश दिए कि मोहड़ी, साहारोड, बराड़ा रोड और लाडवा रोड पर पटवारी और ग्राम सचिवों को निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया जाए। इसके साथ ही संबंधित एसएचओ को भी पर्याप्त पुलिस फोर्स के साथ तैनात किया जाए।

तड़के दो से छह बजे रखनी होगी खास चौकसी
डीसी के मुताबिक यह संज्ञान में आया है कि काफी प्रवासी कुरुक्षेत्र की सीमा से निकल रहे हैं। अधिकांश तड़के दो बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक पैदल निकलते हैं। लिहाजा इस अवधि में पुलिस फोर्स विशेष ध्यान रखेगी। सभी को शैल्टर होम में शिफ्ट करेंगे। शाहबाद क्षेत्र से लुधियाना, अमृतसर व अन्य जिलों से आने वाले 154 प्रवासी मजदूरों को शाहबाद शिव मंदिर होम शैल्टर में शिफ्ट भी किया।

शाहाबाद में बनाए नाकों का किया निरीक्षण
अधिकारियों ने रविवार को शाहाबाद में बनाए नाकों का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद होम शैल्टर का भी जायजा लिया। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रवासी मजदूरों के लिए खाने-पीने का प्रबंध किया जाए और सभी के स्वास्थ्य की जांच की जाए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि किसी भी प्रवासी मजदूरों को बिना अनुमति पत्र के जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी और जो भी कुरुक्षेत्र की सीमा में प्रवेश करेगा उसे होम शैल्टर में भेजना सुनिश्चित किया जाए।