इंटरनेट हमारे जीवन की मूलभूत आवश्यकता व वरदान : महिपाल

बहादुरगढ़. संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स झज्जर ने रविवार को विश्व दूरसंचार दिवस पर ऑनलाइन कार्यशाला की। इसमें संस्कारम इंटरनेशनल स्कूल पाटोदा व संस्कारम पब्लिक स्कूल खातिवास के विद्यार्थियों को संचार उपकरणों एवं साधनों के बारे में समझाया। इंटरनेट को आधुनिक जीवन की मूलभूत आवश्यकता व वरदान बताया। विद्यार्थियों ने भी सोशल मीडिया व संस्कारम एप के माध्यम से दूरसंचार के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। संस्कारम समूह के चेयरमैन महिपाल ने बताया कि विद्यार्थियों ने व्हाट्सएप ग्रुप एवं संस्कारम एप पर रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, ई- मेल, लैंडलाइन, मोबाइल, फैक्स, वीडियो कॉलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सहित कई संचार के साधनों के उपयोग करते वीडियो व फोटो सांझा की। उन्होंने इन संचार के साधनों की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता को कविता, भाषण, गायन, चित्रकला व निबंध के माध्यम से प्रकट किया। विधि व रौनक ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान के बाद इंटरनेट भी हमारे जीवन की एक मूलभूत जरूरी है। आज लॉकडाउन के चलते संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन क्लासेज व वीडियो लेक्चर्स प्रदान कर हमें घर बैठे क्लास रूम की तरह शिक्षण कार्य करवाया। वहीं, अन्य विद्यार्थियों ने भी कहा कि संचार के साधनों से जीवन बहुत सरल हो गया हैं। अब सूचना का आदान प्रदान बहुत सस्ता व सुगम हो गया है।
संचार उपकरणों के आविष्कार
से दुनिया में बदलाव आए
चेयरमैन महिपाल ने कहा कि प्राचीन काल में कबूतरों, बाज जैसे पक्षियों से संदेश का आदान-प्रदान किया जाता था। संदेशवाहक घोड़े की सवारी करके संदेश लेकर जाता था। जिसमें कई दिन लग जाते थे, लेकिन विज्ञान ने संचार उपकरणों के आविष्कार से हमारी पूरी दुनिया बदल दी। अब दुनिया में किसी व्यक्ति से तुरंत बात की जा सकती है। इतना ही नई वीडियो काॅलिंग करके आमने सामने देखते हुए बात की जा सकती है। इंटरनेट हमारे लिए एक वरदान एवं जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुका है, लेकिन हमें इन संचार के उपकरणों का प्रयोग न्याय संगत रूप से करना चाहिए। प्रिंसिपल किशोर तिवारी ने कहा की आज आधुनिक संचार साधनों की मदद से दुनिया से किसी भी कोने में संदेश प्रेषित करना बहुत आसान हो गया है।