हरियाणा आने के लिए पास के साथ कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट जरूरी

  • दूसरे राज्यों में आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों की प्रदेश में एंट्री के लिए लगाई शर्त, राज्य में अब तक 899 संक्रमित
  • दिल्ली में काम करने वाले हरियाणा निवासी कर्मचारियों पर भी शर्त होगी लागू

पानीपत. अब दूसरे राज्यों से एसेंशिएल सर्विस के लोग हरियाणा में प्रवेश तो कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट अनिवार्य होगी। उन्हें ई-पास के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट साथ लगानी होगी। यह शर्त दिल्ली सरकार के विभागों में काम करने वाले हरियाणा निवासी कर्मचारियों पर भी लागू होगी। संबंधित विभाग को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और साथ में कर्मचारी के कोरोना निगेटिव होने का मेडिकल सर्टिफिकेट लगाना होगा। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के हजारों लोग दिल्ली में नौकरी करते हैं। दिल्ली के कारण हरियाणा में संक्रमण बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने सोनीपत, बहादुरगढ़, गुड़गांव व फरीदाबाद बॉर्डर सील कर प्रवेश पर रोक लगा दी थी। मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा था। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि हाईकोर्ट ने फैसले में कहा है कि सिर्फ कोरोना पॉजिटिव को ही क्वारेंटाइन किया जाए। हम हाईकोर्ट के ओदशों का सम्मान करते हैं। लेकिन कोरोना की जांच के बिना कैसे पता लगेगा कि कौन पॉजिटिव है और कौन नहीं। कोरोना पॉजिटिव को हरियाणा में कैसे प्रवेश करने दिया जा सकता है। इसलिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए दिल्ली सरकार के कर्मचारियों को कोरोना निगेटिव का सर्टिफिकेट देना होगा। तभी वे हरियाणा में आ-जा सकेंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन को भी कह दिया गया है।

कोई पैदल जा रहा हो तो जिला प्रशासन घर भेजने का प्रबंध करे: विज
राज्य में अब सड़क पर पैदल चलते श्रमिक दिखाई नहीं देंगे। गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के बाद राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जो भी कहीं पैदल चल रहा है, उसे शेल्टर होम में रखा जाए। उनके भोजन व दवाई का प्रबंध कर उन्हें उनके राज्यों में भेजने का प्रबंध किया जाए। गृह मंत्री विज ने कहा कि लोगों के सड़क पर पैदल चलने के लिए उनके राज्यों की सरकार जिम्मेदार है। क्योंकि हरियाणा उन्हें भेजने को तैयार है। लेकिन उनके राज्य उन्हें बुलाने को तैयार हों। हमने तो ट्रेने भी तैयार कर ली हैं।
इस बच्ची का जन्म लॉकडाउन के बीच 18 दिन पहले हुआ है। लेकिन इस छोटे से समय में उसने जान लिया कि जीवन कितना कठिन है। बच्ची के पिता मजदूरी करते थे। काम बंद होने से घर में खाने का संकट आ गया। शनिवार दोपहर मां नीतू देवी 40 डिग्री तापमान के बीच बच्ची को गोद में ले जींद की विश्वकर्मा कॉलोनी से 7 किमी. पैदल चलकर राजकीय पीजी कॉलेज पहुंची, तब जाकर उन्हें खाना नसीब हुआ। यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले इस परिवार के पास अब घर भेजे जाने का मैसेज भी आ गया है। लेकिन बस के लिए 24 घंटे का और इंतजार करना होगा।