हत्या के आरोपी का 19 को है पॉलीग्राफ टेस्ट, उससे पहले ही टेस्ट टालने के लिए कोरोना की सैंपल रिपोर्ट में गड़बड़झाले का संदेह

डीसी ने हेल्थ व पुलिस अफसरों को दिए जांच के आदेश
प्राणपुरा में वर्ष-2018 के दौरान हुई थी हत्या की वारदात, बाद में आरोपी रहने लगा महेंद्रगढ़

रेवाड़ी. रेवाड़ी के गांव प्राणपुरा में हत्या के आरोपी का कोरोना टेस्ट पहेली बन गया है। 3 दिन के अंदर ही आरोपी के दो बार कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट डीसी यशेंद्र सिंह के सामने पहुंची, वो भी अलग-अलग। एक बार उक्त आरोपी को कोरोना पॉजिटिव दिखाया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में वह निगेटिव मिला। जबकि पुलिस दावा कर रही है कि आरोपी का एक ही बार टेस्ट हुआ है। वहीं आरोपी का 19 मई को पॉलीग्राफ टेस्ट भी होना है। इसके चलते संदेह हुआ कि कहीं यह पूरा खेल पॉलीग्राफ टेस्ट से बचने के लिए तो नहीं रचा गया है। डीसी ने तुरंत इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के सीनियर ऑफिसर से इसकी जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद बड़े खेल का पर्दाफाश हो सकता है।
दो जिलों के बीच अटका था केस, कहां गिना जाएगा तय नहीं
जिले के खोल थाना क्षेत्र के गांव प्राणपुरा में वर्ष 2018 में एक व्यक्ति की हत्या हुई थी। उस मर्डर केस का आरोपी अब महेंद्रगढ़ के माजरा चुंगी क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा है। आरोपी का 19 मई को पॉलीग्राफ टेस्ट होना है। अधिकारियों के अनुसार 11 मई को वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। खोल थाना से 13 मई को आरोपी को कोविेड-19 टेस्ट के लिए रेवाड़ी सिविल हॉस्पिटल भेजा गया। जिसके साथ थाने से एक एएसआई भी गया। अब शुक्रवार देर रात आई कोरोना रिपोर्ट में प्राणपुरा के उक्त आरोपी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना प्रशासन को मिले।

डीसी ने खुद रात को मामडिया अहीर के दो युवकों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की, मगर प्राणपुरा के उक्त आरोपी के बारे में बताया कि वह महेंद्रगढ़ में रह रहा है, इसलिए यह केस वहीं काउंट होगा। देर रात करीब 3 बजे आरोपी को महेंद्रगढ़ से उसके घर से स्वास्थ्य विभाग की टीम लेकर नारनौल पहुंची तथा उसे भर्ती कराया। जो कि अभी भी वहीं दाखिल है। डीसी ने रिकार्ड जांचा तो पता लगा कि उनके पास 13 मई से 15 मई के बीच दो बार उक्त व्यक्ति की रिपोर्ट आई है। पहली रिपोर्ट पॉजिटिव थी, जबकि दूसरी निगेटिव। इसके बाद उन्होंने तमाम रिकार्ड तलब किया।
15 मई को कोरोना टेस्ट हुआ
खोल थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि हत्या के आरोपी का 19 मई को पॉलीग्राफ टेस्ट होना है। इसके लिए एक एएसआई के साथ उसे कोविड-19 जांच के लिए भेजा गया था। मगर उस दिन जांच नहीं हुई। पूछने पर बताया गया कि भीड़ ज्यादा थी। अगले दिन आरोपी के बाइक से गिरने के चलते चोट लगने की बात कही। 15 को आरोपी का टेस्ट कराया। शाम को उन्हें रिपोर्ट तो नहीं मिली, मगर बताया जा रहा था कि वह पॉजिटिव है।
3 बड़े सवाल
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो भी सैंपल लिए जा रहे हैं उनकी रिपोर्ट 2-3 दिन में आ रही है। जबकि उक्त आरोपी की रिपोर्ट एक ही दिन में जारी कैसे हुई?
डीसी ने अफसरों से रिपोर्ट ली तो कोरोना टेस्ट की दो अलग-अलग रिपोर्ट मिली। जबकि पुलिस का दावा है कि टेस्ट एक बार ही हुआ।
गड़बड़ मिलती है तो जाहिर है पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के किसी कर्मी की मिलीभगत के बिना यह संभव ही नहीं।
13 मई के बाद दो बार उक्त व्यक्ति की कोविड जांच रिपोर्ट उन तक पहुंची है। पहली निगेटिव व दूसरी पॉजिटिव। संदेह है कि मामले में मंशा से कुछ ना कुछ गलत तरीका अपनाया है। गड़बड़ मिली तो किसी सरकारी कर्मी की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सीनियर ऑफिसर से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के बाद आगे एक्शन लेंगे। -यशेंद्र सिंह, डीसी, रेवाड़ी।