सीबीएसई का सिलेबस होगा अपडेट, कला आधारित प्रोजेक्ट होंगे शामिल

  • मनोरंजक अंदाज में बच्चों को शिक्षित किया जाएगा

सोनीपत. कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉकडाउन से प्रभावित हो रहे शैक्षणिक सत्र में अब पहली से 10वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य ज्यादा से ज्यादा होंगे।
इस प्रोजेक्ट का मकसद स्टूडेंट्स के सीखने की क्षमता को और ज्यादा आनंदपूर्ण बनाना है। इससे विद्यार्थियों को आर्ट से जुड़े विभिन्न विषयों को हर दिन कुछ नया और विशेष सीखने का अवसर मिलेगा। बोर्ड की ओर से जारी निर्देश को विद्यार्थियों को शिक्षकों की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अवगत करवाया जा रहा हैं। जिसमें यह भी बताया गया है कि इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से कला के क्षेत्र में निपुण बनाया जाएगा।

फैसले के बाद अपडेट किया जा रहा है सिलेबस : इस फैसले के बाद अब पहली से लेकर 10वीं तक के स्टूडेंट्स को शैक्षणिक सत्र 2020-2021 से हर विषय में कम से कम एक कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य अनिवार्य रूप से करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, पहली से आठवीं तक के स्टूडेंट्स को भी नए शैक्षणिक वर्ष में कम से कम एक कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य (ट्रांस-अनुशासनात्मक परियोजना) लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बोर्ड ने स्कूलों को लिखे पत्र में यह बात कही है। इस अधिसूचना के साथ ही अब पहली से 10वीं कक्षा तक के लिए सीबीएसई का सिलेबस भी अपडेट हो गया है।

मनोरंजक अंदाज में बच्चों को शिक्षित किया जाएगा
^सीबीएसई की ओर से विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार को लेकर जारी पत्र पर अमल किया जा रहा है। विद्यार्थियों को विषय से करीब से जोड़ने के लिए मनोरंजक अंदाज में उन्हें शिक्षित किया जाएगा। कला आधारित प्रोजेक्ट वर्क भी इसमें उन्हें आगे बढ़ाएंगे। वीके मित्तल, अध्यक्ष, सहोदय, साेनीपत।

नौवीं-11वीं में फेल हुए बच्चों को 1 और मौका
इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 9 और 11 में फेल हुए छात्रों को पास होने का एक और मौका दिया है। यह फैसला केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की सलाह के बाद लिया गया। जिसके बाद सीबीएसई संबंधित सभी स्कूल कक्षा 9वीं और 11वीं में फेल हुए छात्रों को उन सभी विषयों के लिए एक मौका प्रदान करेंगे, जिनमें वे असफल रहे हैं। स्कूल छात्रों को छूट प्रदान करके ऑनलाइन, ऑफलाइन, इनोवेटिव टेस्ट लेकर उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट करने पर फैसला कर सकते। सीबीएसई ने इस नए एकेडमिक सेशन से पहली से 10वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य शुरू करने का फैसला लिया है।