यमुनानगर में नेशनल हाइवे जाम किया तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

  • यमुनानगर के करेहड़ा खुर्द के सरकारी स्कूल में ठहरा रखे थे मजदूर
  • घर जाने के लिए सड़क पर आ गए थे प्रवासी मजदूर, पथराव कर सरपंच को किया घायल

यमुनानगर. घर जाने के इंतजार में बैठे प्रवासियों का रिलीफ कैंपों में रहते हुए सब्र जवाब देने लगा है। गांव करेहड़ा खुर्द के सरकारी स्कूल में रोके गए प्रवासी शनिवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने नए बने बाइपास हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान गांव के लोगों ने उन्हें समझाया, लेकिन वे नहीं माने। कुछ ने वहां पर पथराव कर दिया। दो पथराव सरपंच के पति राजेंद्र सिंह को लगे। वहीं एक ट्रक ड्राइवर को लगा। इसी दौरान सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की सख्ती देखकर वे रोड से हटे। इसके बाद प्रवासी दोबारा स्कूल में पहुंच गए। पुलिस ने वहां पर उन्हें सख्ती से समझाया। इसके बाद मामला शांत हुआ। इन प्रवासियों का कहना था कि वे अपने घर जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सरकार नहीं जाने दे रही। यूपी बॉर्डर से आगे उन्हें जाने नहीं दिया जाता। मजबूरी में वे यहां पर रुके हुए हैं। इससे पहले जोड़ियों में भी प्रवासियों ने रोड जाम और पथराव किया था।

प्रवासी मजदूरों की ये मांग थी कि उन्हें घर भेजा जाए। इसके चलते वे सड़क पर आ गए थे।

उनकी भी ये ही मांग थी कि उन्हें उनके घर भेजा जाए। उधर सदर यमुनानगर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि पथराव जैसी बात नहीं हुई। कुछ प्रवासी परेशान होने की वजह से सड़क पर आ गए थे। उन्हें समझा दिया गया था। प्रवासियों को गांव के स्कूल में रोका गया है। सरपंच के प्रति राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनका गांव हाइवे किनारे पड़ता है। यहां पर कुछ प्रवासियों को प्रशासन ने रोका है तो कुछ अपने आप आकर रुक गए हैं। उन्हें लगता है कि यहां से बस जाएगी। गुरुवार रात से यहां पर करीब एक हजार प्रवासी रुके हुए हैं। ये अपने घर जाने की जिद कर रहे हैं। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे इसमें से कुछ शरारती तत्व सड़क पर पहुंच गए। उन्होंने जाम लगा दिया। वहीं पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।

दो पत्थर तो उन्हें लगे हैं। हालांकि इसमें किसी को कोई चोट नहीं लगी। कुछ मिनट बाद ही पुलिस वहां पर पहुंच गई थी। पुलिस ने रोड को खाली कराया। उनका कहना है कि यहां पर रुके प्रवासियों के लिए खाने और रहने का पूरा इंतजाम किया गया है।