मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठा रहे ट्रांसपोर्टर, जयपुर के एक हजार, पटना का 2500 रु. प्रति व्यक्ति किराया

  • ड्राइवर बोले- एडवांस पैसा जमा करना होगा, रास्ते में नहीं होगी दिक्कत
  • हरियाणा से पलायन कर रहे मजदूरों से वसूल रहे मनचाहा किराया

पानीपत. लॉकडाउन में सरकारी तंत्र की अव्यवस्था से परेशान फरीदाबाद से रोज हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव पलायन करने को मजबूर हैं। िबहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की ओर पलायन करने वाले मजदूरों की मजबूरी का फायदा अब यहां के ट्रांसपोर्टर अपने ड्राइवरों के जरिए उठा रहे हैं। प्रवासियों को उनके शहर तक छोड़ने की डीलिंग की जा रही है। बल्लभगढ़ अनाज मंडी के पास होती है डील। संवाददाता भोला पांडेय ने प्रवासी श्रमिकों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले ऐसे दो ट्रक ड्राइवरों से लेबर कांट्रैक्टर बनकर उनसे विभिन्न शहरों में श्रमिक भेजने के बारे में बातचीत की।
इधर, नूंह में एक ट्रक ड्राइवर द्वारा दिल्ली से प्रवासी श्रमिकों को लाकर नूंह के घासेड़ा गांव में छोड़ने का मामला सामने आया है। श्रमिकों की सूचना पाकर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। 40 श्रमिक दिल्ली के नरेला से बिहार के समस्तीपुर, सतीमढ़ी, दरभंगा के अलावा तीन मजदूर उत्तर प्रदेश के खुशीनगर को जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ट्रक ड्राइवर की श्रमिकों से किराए को लेकर बात बिगड़ गई। ट्रक ड्राइवर श्रमिकों से पूरे पैसे एडवांस लेना चाह रहा था, लेकिन श्रमिकों ने ड्राइवर को उनके घर छोड़ने पर ही पूरा किराया देने की बात कहीं। किराए के लेनदेन को लेकर ड्राइवर ने दिल्ली से लाकर उन्हें घासेड़ा में छोड़ दिया। वहीं श्रमिकों को तावडू के शेल्टर होम में ठहरने के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ ओर कोई शिकायत नहीं दी है। एसडीएम त्रिलोकचंद से बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसा कुछ नहीं है। बाेल देंगे पुलिस वालों को वे देख लेंगे। इसके अलावा उनके पास कोई जवाब नहीं था।
इधर, सरकार कर रही प्रयास
प्रदेश से 4400 श्रमिकों को भेजा बिहार
राजधानी हरियाणा | शनिवार को विशेष रेलगाड़ियों से 4400 से ज्यादा श्रमिकों को बिहार के बरौनी, गया और दरभंगा भेजा गया। पानीपत रेलवे स्टेशन से बरौनी के लिए 1440 और गया (बिहार) के लिए 1400 श्रमिकों को रवाना किया गया। श्रमिकों के लिए भोजन, पानी इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई थी ताकि इन्हें रास्ते में कोई परेशानी न हो। उन्होंने इस कार्य के लिए जी जान से जुटे सभी अधिकारियों और समाजसेवी संस्थाओं का भी धन्यवाद किया।
पुलिस नाकों से कैसे गुजर रहे ट्रक, यह बड़ा सवाल
बल्लभगढ़ से इस तरह ट्राले में प्रवासी मजदूरों को दोगुना से अधिक किराया लेकर ले जाया जा रहा है।
प्रमुख शहरों का ये वसूल रहे किराया
यहां तक किराया प्रति व्यक्ति
फरीदाबाद से पटना व बेगूसराय 2500 रुपए
फरीदाबाद से भोपाल 2000 रुपए
फरीदाबाद से लखनऊ 1000 रुपए
फरीदाबाद से झांसी 700 रुपए
फरीदाबाद से मुरैना 600 रुपए
फरीदाबाद से जयपुर 650 रुपए
फरीदाबाद से ग्वालियर 600 रुपए
ड्राइवरों से हुई बातचीत के कुछ अंश
बल्लभगढ़ | मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठाकर ट्रांसपोर्टर लोगों को परिवारों समेत ट्रॉलों में लेकर जा रहे हैं।
गुड़गांव से 1424 श्रमिकों को भेजा बिहार
गुड़गांव रेलवे स्टेशन से बिहार के दरभंगा के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेन में 1424 प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य के लिए रवाना किया गया। यहां से अब तक 6 स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 8500 से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को पहुंचाया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वारा उन्हें सुरक्षा कवच के रूप में मास्क, पानी की बोतल व बिस्कुट के पैकट देकर रवाना किया गया। उन्हें ट्रेन की टिकट नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गई थी। अक्षर फाउंडेशन द्वारा भी प्रवासी श्रमिकों के लिए एक हजार फूड पैकेट तैयार करवाए गए थे जिसमें यात्रियों के लिये दही, रोटी, सब्जी व पानी की बोतलें थीं।
पानीपत | बिहार जाने वाली ट्रेन में बैठे श्रमिकाें काे हाथ उठाकर अभिवादन स्वीकार करती एसपी मनीषा चाैधरी।
बल्लभगढ़ में अनाज मंडी के पास खड़े होने वाले ट्रक ड्राइवर उस्मान और शकील से लेबर कांट्रेक्टर बनकर फोन पर बातचीत की। बातचीत के कुछ अंश हैं।
Q. जयपुर के लिए 50-52 सवारी हैं और लखनऊ के लिए 40-42। क्या किराया लगेगा।
A. ड्राइवर उस्मान: 40-42 सवारी तो 14 फुटी गाड़ी में आ जाएंगे। किराया करीब 1000 रुपए प्रति व्यक्ति लगेगा। क्योंकि हम अलीगढ़ के रास्ते निकलेंगे।
Q. हमें भोपाल 60-62 और बिहार के बेगूसराय के लिए 96-97 श्रमिकों काे भेजना है। क्या किराया है।
A. ड्राइवर शकील: भाई साहब, भोपाल के लिए 2000 रुपए और बेगूसराय के लिए 2500 रुपए लगेंगे। रास्ते में कोई दिक्कत नहीं होगी। सब कुछ मैनेज करने की जिम्मेदारी हमारी होगी। एडवांस पैसा जमा करना होगा। आपको तो पता ही है कि रास्ते में खर्च और बॉर्डर पर पैसे देने पड़ते हैं।