बेटी ने बनाना सीखा केक, बेटे बनाने लगे पूरे परिवार का खाना

  • यू ट्यूब व अन्य माध्यमाें से खाने की नई-नई डिश बनानी सीखी, ऐतिहासिक किताबें पढ़ जाना विश्व इतिहास

पानीपत. लाॅकडाउन में घराें में बंद कई लाेग जहां अपनी बोरियत मिटाने काे इसे ताेड़ने तक की गलतियां कर बैठे, वहीं कई परिवाराें ने समय का सद उपयोग किया। ऐसे ही परिवाराें में बेटाें तक ने माता-पिता काे अपने हाथ से खाना पकाकर भी खिलाया। जाे बेटियां अपने हाथ से एक पानी का गिलास तक खुद
लेकर नहीं पीती थी, वे दिनभर रसाेई में रहकर खाना पकाना सीख गई। वहीं किताबें पढ़ने के शौकीन भी रीडिंग को पूरा समय दे रहे हैं।

इनर व्हील पानीपत सेंट्रल गृहिणी एवं सचिव डाॅ. नीलू मिड्डा ने बताया कि मेरी बेटी श्रेया मिड्डा ने लाॅकडाउन से पहले शायद ही कभी अपने हाथ से पानी का गिलास लेकर पीया हाे। अब यही बेटी हर प्रकार का खाना पकाना ताे सीख ही गई, साथ ही केक तक बनाना सीख गई। बर्तन तक खुद साफ करती है, क्याेंकि मेड नहीं अाती अब। बच्चे इन दिनाें में हमारे बहुत करीब अा गए हैं। हम सिर्फ साेचते ही थे कि हमारे बचपन का समय कभी अाएगा। जब हम छाेटे थे ताे मां-बाप के एेसे ही साथ रहते थे। जाे केक बाजार से 1000 रुपए से कम नहीं मिलता था, वही घर में 200 रुपए में तैयार हाे जाता है।

गृहिणी अंजू गेरा ने कहा कि मैंने कभी जिंदगी में भी नहीं साेचा था कि घर पर रहकर बेटे के हाथ से बने माेमाेज, मंचूरियन, पीजा, गार्लिक ब्रेड खाने का माैका मिलेगा। बेटियां ताे खाना पकाती ही हैं, मेरे ताे दाेनाे बेटे खाना पकाना सीख गए। बेटाें ने खुद केक बना मुझे गिफ्ट कर मदर्स डे पर सरप्राइज दिया था। वहीं राेजाना अपने बच्चाें के साथ राेज गेम खेलना, जूम एेप का प्रयाेग कर अन्य बच्चाें व महिलाओ काे जाेड़ भजनाें की अंताक्षरी कराना, ये सब नए अनुभव रहे। मेरे पति नाम इंद्रजीत गेरा, बेटा अभि गेरा व तनीष गेरा ने यू ट्यूब से सीख राेजाना नई डिश बनाई। हमारे बच्चे ही हमें खाना पकाकर खिलाते हैं।

गृहिणी इंदु कुकरेजा ने कहा कि इन दिनाें में हमारा पूरा परिवार एकसाथ रसाेई में खाना पकाने में एंजॉय करता है। जाेकि कभी नहीं हुअा। बाहर पढ़ रहे बच्चे जब भी घर अाते थे ताे कभी मैं नहीं मिलती थी ताे कभी मेरे पति विनाेद कुकरेजा नहीं मिलते थे। अब बच्चे घर अाए ताे हम दाेनाें पहली बार उन्हें एक साथ इतने लंबे समय तक मिले हैं। हमने इस समय में पूरा एंजॉय किया। बेटी देविका कुकरेजा व बेटा धैर्य कुकरेजा हमारे साथ तीनाें समय रसाेई में हाेते हैं। गुलाब जामुन, स्पंज रस गुल्ला, पाव भाजी, वड़ा पाव, मिक्स वेज, रेटी व अन्य 20 से ज्यादा प्रकार की सब्जियां हम सब मिलकर बनाते रहे।