दीपेंद्र हुड्डा बोले- गरीब को पुलिस सहारा देने की बजाय क्रूरता से पीटेगी तो क्या डकैत बचाने आएंगे?

  • भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूरे घटनाक्रम को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
  • हुड्डा बोले- गरीब मजदूरों के साथ संवेदना से पेश आए सरकार- हुड्डा

पानीपत. यमुनानगर में शनिवार को प्रवासी मजदूरों पर हुए लाठीचार्ज पर राजनीति तेज हो गई है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने और उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर निशाना साधा है। दीपेंद्र हुड्डा ने तो ट्वीटर पर उस पूरे घटनाक्रम का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि वाह खट्टर सरकार! भूखे-प्यासे हजारों किलोमीटर पैदल अपने घरो की ओर लौटते गरीबो पर डंडे बरसा के हरियाणा सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए घोषित केंद्र सरकार के सहायता पैकेज का अच्छा उपयोग किया है। गरीब को पुलिस सहारा देने की बजाय क्रूरता से पीटेगी तो क्या डकैत बचाने आएँगे?

यमुनानगर:वाह खट्टर सरकार! भूखे-प्यासे हज़ारों किलोमीटर पैदल अपने घरो की ओर लौटते ग़रीबो पर डंडे बरसा के हरियाणा सरकार ने प्रवासी मज़दूरो के लिए घोषित केंद्र सरकार के सहायता पैकेज का अच्छा उपयोग किया है!
गरीब को पुलिस सहारा देने की बजाय क्रूरता से पीटेगी तो क्या डकैत बचाने आएँगे? pic.twitter.com/875NmEeAeN

— Deepender S Hooda (@DeependerSHooda) May 17, 2020

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लाठीचार्ज को बताया अमानवीय

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यमुनानगर में प्रवासी मजदूरों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की है। उन्होंने कहा कि हालात के मारे गरीब मजदूरों पर लाठी बरसाना अमानवीय है। सरकार को इस मुश्किल दौर में मजदूरों से संवेदना के साथ पेश आना चाहिए। सरकार को कोशिश करनी चाहिए कि किसी मजदूर को यहां से पलायन ना करना पड़े। उनके लिए रहने, खाने-पीने,तुरंत राहत राशि या रोजगार की व्यवस्था की जाए। अगर सरकार ऐसा करने में सक्षम नहीं है या गरीब मजदूर घर जाना चाहते है तो प्रवासियों के घर जाने का उचित बंदोबस्त किया जाना चाहिए।

घर जाने की जिद्द पर मजदूर पहले हाइवे पर आए गए। इसके बाद उन्होंने गांववालों पर परथराव किया। पुलिस आई तो उसने लाठीचार्ज कर खदेड़ा।

लेकिन सरकार ऐसा करने में भी सक्षम नजर नहीं आ रही है और मजदूरों को पैदल ही सैंकड़ों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इनके लिए बस या ट्रेन चलाने की बजाए सरकार इनपर लाठियां चला रही है। ये दुर्भाग्यपूर्ण है। महामारी की सबसे ज्यादा मार इन गरीब मजदूरों पर ही पड़ी है। इसलिए सरकार को इनके प्रति अपनी प्रशासनिक और मानवीय दोनों जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।

ये था मामला

यमुनानगर के गांव करेहड़ा खुर्द के सरकारी स्कूल में रोके गए प्रवासी शनिवार को सड़क पर उतर आए थे। उन्होंने नए बने बाइपास हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान गांव के लोगों ने उन्हें समझाया, लेकिन वे नहीं माने। कुछ ने वहां पर पथराव कर दिया। पथराव में सरपंच के पति राजेंद्र सिंह और एक ट्रक ड्राइवर घायल हो गए। इसके बाद पहुंची पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया था।