दिल्ली गंगाराम अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मिला गुहला के रत्ताखेड़ा कड़ाम में तैनात ट्यूबवेल ऑपरेटर

  • स्वास्थ्य विभाग ने संपर्क में आए परिवारों को आइसोलेट कर 119 सैंपल जांच के लिए भेजे
  • ढांड की राधा कृष्ण कॉलोनी में पॉजिटिव युवक के संपर्क में आने वाले 75 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव
  • इनमें कटिंग व शेव करने वाला नाई, घर में काम करने वाला नौकर भी शामिल

कैथल. दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में रीढ़ की हड्डी का इलाज करवा रहे गुहला के गांव रत्ता खेड़ा कड़ाम में तैनात ट्यूबवेल ऑपरेटर कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। युवक गांव में ही बने जन स्वास्थ्य विभाग के सरकारी क्वार्टर में रहता है। कर्मचारी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन करवाने के बाद 11 मई को दोबारा जांच के लिए गया था, लेकिन वहां कोरोना की जांच करने पर पॉजिटिव मिला।
दिल्ली जांच के लिए जाने से पहले कर्मचारी चीका कार्यालय में छुट्टी की अर्जी भी देने आया था। विभाग ने सूचना के बाद शुक्रवार रात को ही टीमें गांव में भेजकर कर्मचारी के परिवार को आइसोलेट कर दिया। इसके अलावा चीका कार्यालय के संपर्क में आए अधिकारी समेत पांच परिवारों को क्वारेंटाइन किया गया है।
शनिवार को गांव रत्ता खेड़ा कड़ाम और चीका से 119 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट रविवार को आएगी। वहीं दूसरी तरफ ढांड में पॉजिटिव युवक के संपर्क में आने वाले 75 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। प्रशासन ने इनकी रिपोर्ट आने के बाद राहत की सांस ली है, क्योंकि इनमें सीधे तौर पर पॉजिटिव युवक के संपर्क में आने वाले 13 लोग भी शामिल हैं। इनमें परिवार के सदस्य, जिससे कटिंग व शेव करवाई थी वह नाई व उनके परिवार के सदस्य, मुनीम, सेवादार, चायवाला, चाय वाले का लड़का तथा अन्य लोग भी शामिल है।
विभाग को भारत सरकार के पोर्टल से मिली जानकारी
दिल्ली में पॉजिटिव पाया गए कर्मचारी के बारे में कैथल स्वास्थ्य विभाग को भारत सरकार के पोर्टल से पता चला। शनिवार देर सायं तक भी दिल्ली सरकार या अस्पताल की तरफ से जिला प्रशासन को युवक के संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई थी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार पोर्टल की रोजाना मॉनिटरिंग की जाती है और उस दौरान ही एक कैथल का पॉजिटिव केस दिखा। उसके बाद विभाग ने औपचारिक जानकारी का इंतजार न करते हुए तुरंत टीमें भेजी और कर्मचारी के संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश कर क्वारेंटाइन किया और सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
दिल्ली में पॉजिटिव मिला कर्मचारी कैथल के खाते में आएगा, इसे लेकर संशय
कैथल में अब तक कोरोना के पांच पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें दिल्ली मरकज से लौटे महादेव कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय सफी मोहम्मद के रूप में पहला केस आया था। उसके बाद उनके संपर्क में आया 9 वर्षीय बच्चा अफाक और फिर 9 मई गुरुग्राम से लौटा बलराज नगर निवासी 23 वर्षीय युवक शुभम भी पॉजिटिव मिला था। 15 मई को ढांड राधा कृष्ण कॉलोनी में दिल्ली से लौटा 30 वर्षीय युवक व उनकी दो वर्षीय बेटी पॉजिटिव मिला। दिल्ली में पॉजिटिव पाए गए गुहला के गांव रत्ता खेड़ा कड़ाम का केस कैथल के खाते में आएगा या नहीं इसको लेकर संशय हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनका प्रयास है कि वे दिल्ली में के खाते में ही रहे, क्योंकि वहीं जांच के दौरान पॉजिटिव मिला है।
शनिवार को ढांड से नहीं लिया एक भी सैंपल
15 मई को राधा कृष्ण कॉलोनी ढांड में 30 वर्षीय पिता व दो वर्षीय उनकी बेटी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। उसके बाद विभाग ने सीधे संपर्क में आए 13 लोगों समेत 75 सैंपल जांच के लिए भेजे थे। इन सबकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। यही कारण है कि विभाग ने शनिवार को इस एरिया से एक भी सैंपल नहीं लिया। हालांकि पूरे एरिया को कंटेनमेंट जोन बनाकर स्क्रीनिंग का कार्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण दिखने पर सैंपल लिए जाएंगे।
गुरुवार व शुक्रवार को लिए 152 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव
गुरुवार को लिए 39 सैंपल समेत सभी पेंडिंग 152 सैंपल की रिपोर्ट शनिवार को आ गई और सभी निगेटिव मिले। इनमें ढांड में पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों के सैंपल भी शामिल हैं। वहीं शनिवार को विभाग ने कुल 123 सैंपल लिए। इनमें से अकेले गुहला से 119 सैंपल लिए गए हैं। अब तक विभाग द्वारा पूरे जिले से 2041 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 1914 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वर्तमान में जिले में कोरोना के तीन एक्टिव केस हैं और दो पूरी तरह से ठीक होकर घर लौट चुके हैं। इसके अलावा इसके अलावा 20 लोगों को आइसोलेशन वार्ड और 13 लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है।
बाहर से आने वालों की दें जानकारी : आईजी
आइजी हरदीप दून ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे संक्रमण को न फैलने दें और सांवधानी बरते। अगर कोई भी आस पड़ोस में बाहर से आता है तो उसकी जानकारी बिना किसी देरी के प्रशासन को दें, ताकि उसकी समय पर जांच हो सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा ट्रक ड्राइवरों पर भी विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि व्यक्ति दूसरे क्षेत्र से यहां पर कोरोना का संक्रमण लेकर न आ सके।