ठेके पर जमीन लेकर खेती करने वाले को भी मिलेगा फसली लोन : सीएम

  • भावांतर भरपाई योजना के लिए 1500 एफपीओ होंगे गठित

पानीपत. मनोहर लाल ने कहा कि सब्जी, बागवानी व अन्य फसलों के लिए प्रदेश में तीन वर्ष पहले लागू की भावांतर भरपाई योजना को विशेष पैकेज में शामिल करने प्रधानमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रदेश में 500 एफपीओ गठित किए जा चुके हैं। इनकी संख्या 1500 तक बढ़ाई जाएगी, ताकि किसान फसलों की बिक्री आसानी से कर सकें। सीधे खेत से ही किसान अपनी उपज बेच सकें, इसके लिए भी हरियाणा ने योजना बनाई है।

रेंटल स्कीम चलाई जाएगी

सीएम ने 20 लाख करोड़ रुपए के विशेष आर्थिक पैकेज में छोटे दुकानदारों, कृषि, किसानों, मंडियों में बुनियादे ढांचों में सुधार, मजदूरों व हर किसी के लिए छत मुहैया कराने के लिए शामिल की योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अलग से हाउसिंग फॉर ऑल विभाग का गठन किया है। रेंटल हाउसिंग स्कीम शुरू करने की योजना है। वे शनिवार को हरियाणा आज कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।
वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के समय केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के लिए मेगा आर्थिक पैकेज की घोषणा करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हरियाणा में एमएसएमई को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हरियाणा पहल कर चुका है। हरियाणा के वर्ष 2020-21 के बजट में पहले से ही 4 एस- शिक्षा स्वास्थ, सुरक्षा और स्वावलंबन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सभी जिलों में उद्योग के अनुरूप 22 विशेष कलस्टर स्थापित करने की योजना तैयार की जा रही है।
लॉकडाउन के बाद हर तरह की औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियां पुन: सुचालित करने के लिए केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। लॉकडाउन के कारण उद्योग बंद होने के चलते कई श्रमिकों के रोजगार बंद हुए हैं और ऐसे श्रमिकों का कौशल का उपयोग हो, इसके लिए अलग से एक योजना बनाई जा रही है। इनको प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि इनका नई व्यवस्था के अनुरूप आवश्यकतानुसार अपने कार्यक्षेत्र में बदलाव ला सकें। अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाना हम सबकी प्राथमिकता है।

सीएम ने नई योजना ‘मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल का शनिवार को विधिवत लाॅन्च किया। इस पोर्टल से किसान धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बुआई का ब्योरा देकर योजना के तहत 7 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके तहत 8 खंडों में फतेहाबाद का रतिया, कैथल का सिवान व गुहला, कुरुक्षेत्र के पिपली, शाहबाद, बाबैन, इस्माइलाबाद और सिरसा जिले का सिरसा खंड शामिल हैं, जहां भू-जल स्तर 40 मीटर से ज्यादा नीचे है। सीएम मनोहर लाल ने कहा कृषि का फसल ऋण जो उपलब्ध होता था, भूमि मालिकों को ही केसीसी कार्ड बनता था। अब कानून लाकर हम ठेके पर जमीन की खेती करने वालों को भी, यह फसली ऋण बैंकों से मिल सकेगा। पशुपालन व मछली पालन किसान क्रेडिट कार्ड जारी होंगे, ताकि ये भी अपने कार्ड का लाभ उठा सकेंगे। इस मौके पर कृषि मंत्री मौजूद रहे।

फसलें सुखाने को मंडियों में दिए जाएंगे ड्रायर

मुख्यमंत्री ने आर्थिक पैकेज में मंडियों के सुदृढिकरण में फसलों को सुखाने के लिए ड्रायर की व्यवस्था करने के प्रावधान करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। अब मंडियों में रबी फसलों की खरीद जोरों पर है तथा लॉकडाउन के बाद भी सरकार ने समुचित प्रबंध किए हैं। कृषि एवं सम्बंद्ध क्षेत्रों के विस्तार के लिए भी नई योजनाएं शामिल की गई हैं। प्रदेश में लवणीय व क्षारीय जमीन पर मत्सय पालन की संभावना अधिक है और इस योजना से हरियाणा के किसानों को 400 से 500 करोड़ रुपए तक का लाभ मिल सकता है। कोरोना वायरस के इस संकट के समय का सदुपयोग करने का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि किसी को मालूम नहीं कि यह संकट कितने लंबे समय तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हर किसी को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सारे काम करने होंगे। केंद्र सरकार द्वारा भी सरकारी व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है।