2018 में दर्ज हुए सील गोदाम से शराब चोरी के मामले में भी आरोपी था पूर्व विधायक राणा, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई

  • साल 2018 में भी गोदाम से शराब चोरी के मामले में पुलिस ने केवल एक आरोपी को किया था गिरफ्तार
  • बेखौफ राणा और उसका पार्टनर सियासी रुतबे के चलते सील गोदाम से शराब चुराते रहे

पानीपत. समालखा में 4 साल पहले सील गोदाम से करोड़ों की शराब चोरी के मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। अप्रैल 2018 में दर्ज हुए इस गोदाम से शराब चोरी के केस में भी पुलिस ने पूर्व विधायक व जेजेपी नेता सतविंदर राणा को आरोपी बनाया था, लेकिन सियासी रुतबे के कारण गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। पुलिस ने सिर्फ जागसी निवासी सुधीर को गिरफ्तार किया था। बेखौफ पूर्व विधायक, उनके पार्टनर ईश्वर गोदाम से शराब चुराते रहे। अब 4500 पेटी चुरा चुके थे। दोबारा चोरी मामला आने पर एईटीओ राजेश रोहिल्ला ने 28 अप्रैल 2020 को समालखा थाने में केस दर्ज कराया था। एसआईटी ने पूर्व विधायक राणा, उनके पार्टनर ईश्वर, सुधीर समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब एसपी मनीषा चौधरी ने 2018 में दर्ज हुए केस को भी एसआईटी को सौंप दिया। इस केस में भी राणा की गिरफ्तारी हो सकती है। एसपी ने कहा कि जांचेंगे कि पहली पड़ताल में जांच अधिकारी ने लापरवाही तो नहीं की।

इनसे भी पूछे जाएंगे सवाल

सीआईए-2 के इंचार्ज दीपक कुमार ने बताया कि एक्साइज विभाग के अफसरों से भी पूछताछ करेंगे। 2016 में गोदाम को सील करने वाले जिम्मेदार अफसरों और उसके बाद जिन अफसरों की देखरेख की जिम्मेदारी थी, उन्हें जांच में शामिल करेंगे। बताया जा रहा है कि डीईटीसी एनके ग्रेवाल के समय में गोदाम सील हुआ था। उसके बाद वीके बेनीवाल और सुशील के पास पानीपत डीईटीसी का अतिरिक्त चार्ज रहा। फिर अशोक पासी और अब पुनीत शर्मा डीईटीसी हैं।

शराब लोड के बाद ले जाने की जिम्मेदारी तस्करों की थी
पूर्व विधायक सतविंदर राणा के कहने पर उसका पार्टनर ईश्वर सील गोदाम से शराब चुराकर रात में गाड़ी लोड कराता था। इसके बाद तस्कर ले जाते थे। कोई झूठी बिल्टी तो कोई कुछ अन्य इंतजाम कर शराब ले गया है। जो 5 आरोपी शराब अन्य 5 राज्यों में शराब ले गए हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी। आरोपी पूर्व विधायक भी बीच-बीच में गोदाम पर आता था।

आगे भी हिस्सेदार बना रहे थे पूर्व विधायक और ईश्वर

एल-वन एबी शराब गोदाम जैमनी डिस्टलरी पटियाला प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रही थी। इसमें मुख्य पार्टनर पूर्व विधायक राणा और ईश्वर थे। राणा और ईश्वर ने कई लोगों को पार्टनर बनाया था। उनकी भूमिका की भी जांच होगी। एक अन्य गैंग भी काम कर रहा था, जिसे पता था कि गोदाम में शराब सील है और कोई चौकीदार नहीं है। आरोपी पूर्व विधायक पुलिस के सवालों का आराम से जवाब दे रहा है। फर्द इंसाफ समेत अन्य कागजों पर भी उसने आराम से सिग्नेचर कर दिए। गुरुवार और शुक्रवार को उसने दोनों टाइम रोटी खाई और चाय भी पी।

ईश्वर से 1 पेटी शराब बरामद हुई, विधायक से रिकॉर्ड पुलिस ने आरोपी ईश्वर की निशानदेही पर गोहाना में उसके जानकार के खेत में बने कोठे से चोरी की एक पेटी शराब बरामद की है। आरोपी विधायक से केस से जुड़े ़रिकॉर्ड बरामद हुए हैं। दोनों से जिन लोगों को शराब बेची, उनके नाम पुलिस को मिल गए हैं।

विभाग को मालूम नहीं कि गोदाम का मालिक कौन…

एक्साइज विभाग के अफसरों को ये भी पता नहीं कि गोदाम का मालिक कौन है और किसके नाम लाइसेंस जारी हुआ था। एसआईटी ने इस संबंध में एक्साइज विभाग से रिकॉर्ड मांगा है। शुक्रवार को एईटीओ राजेश रोहिल्ला िरकॉर्ड जुटाने के लिए गुड़गांव गए थे। जहां कुछ रिकॉर्ड मिला है। डीईटीओ पुनीत शर्मा ने बताया कि जल्द रिकॉर्ड पुलिस को सौंपा जाएगा। वहीं, विभाग ने गोदाम सील करके उसकी निगरानी और देखरेख के लिए चाबी राणा की फर्म के मैनेजर को ही सौंप दी थी। एटीईओ ने कहा कि नियमानुसार चाबी फर्म को सौंपी थी।

चोरी के बाद पूर्व विधायक ने डीईटीओ को किया था फोन

28 अप्रैल को जब गोदाम में शराब चोरी का मामला सामने आया तब आरोपी पूर्व विधायक सतविंदर राणा ने पानीपत के डीईटीओ पुनीत शर्मा को फोन कर जानकारी ली थी। इसकी पुष्टि करते हुए डीईटीओ शर्मा ने बताया कि राणा ने उनसे कहा था कि वे इस मामले की मुख्यालय में जाकर अफसरों से बातचीत करेंगे। इसके बाद उन्होंने शिकायत दी या नहीं। इसकी जानकारी नहीं है।